Shayari urdu shayari hindi love status sad

Spread the love

Shayari urdu shayari hindi love status sad

ہم آہ بھی کرتے ہیں تو ہو جاتے ہیں بدنام
وہ قتل بھی کرتے ہیں تو چرچا نہیں ہوتا

اکبر الہ آبادی

हम आहें भरते हैं तो भी बदनाम हो जाते हैं
अगर वे मारते भी हैं, तो भी कोई चर्चा नहीं होती है

अकबर इलाहाबादी

https://shayari-urdu-hindi.com/inspirational-motivational-quotes-best-inspirational/

https://cacke-recipe.com/cheese-cream-cake-filling-recipe-cake-home-recipe

جان فرقت میں نہ نکلے تومجھے کیوں ہوعزیز
دوست وہ کیا جو مصیبت میں مددگار نہ ہو

اکبر الہ آبادی

तुम मुझे जाने क्यों नहीं देते, प्रिय?
दोस्त, वही करें जो मुसीबत में मददगार न हो

अकबर इलाहाबादी

دل پر داغ کو ارماں کہ گلے ان کے لگے
ان کو یہ ڈر کہ گلے کا یہ کہیں ہار نہ ہو

اکبر الہ آبادی

मैं अपने दिल पर उस दाग की कामना करता हूं जो मुझे गले लगा ले
उन्हें डर है कि यह हार कोई हार नहीं होगी

अकबर इलाहाबादी

Shayari urdu shayari hindi love status sad

پوشیدہ ہیں دل میں کہ کلیجے میں نہاں ہیں
کیا جانیے تیر نگہ یار کہاں ہیں

مٹی میں ملانے کو سوئے قبر رواں ہیں
ہم دوش پہ احباب کی اک بار گراں ہیں

غیروں پہ تلطف ہے ترحم ہے کرم ہے
معلوم ہوا آپ بڑے فیض رساں ہیں

پھولی نہ پھلی شاخ امید اپنی کبھی آہ
ہم گلشن آفاق میں پامال خزاں ہیں

حیران ہوں مدہوش ہوں بیخود ہوں سراپا
جلوے کے اثر یوں مری صورت سے عیاں ہیں

کہتا ہے کوئی برق تجلی کو دکھا کر
اے طالب دیدار ترے ہوش کہاں ہیں

کچھ منہ سے جو بولیں تو کھلے راز حقیقت
کیوں مہر سر قفل در گنج نہاں ہیں

جاگیر لحد موت نے بخشی ہے عدم میں
اب ہم کو یہ دعویٰ ہے کہ ہم اہل مکاں ہیں

افسردگی خاطر ناشاد مدد کر
غم ہائے غریب الوطنی کاہش جاں ہیں

رونق ہے اگربزم سخن کی تو ہمیں سے
ہم باعث دل بستگی طبع جہاں ہیں

مضمون نہیں ہے تو نہ ہو اپنی غزل میں
اکبر یہی کیا کم ہے کہ ہم اہل زباں ہیں

اکبر الہ آبادی

वे दिल में नहीं बल्कि दिल में छिपे हुए हैं
पता लगाएं कि तीरथ कहां हैं

सोई हुई कब्रें कीचड़ में तैर रही हैं
हम एक समय में एक बार प्रिय मित्र हैं

दूसरों में आनंद है, करुणा है, अनुग्रह है
यह पता चला है कि आप एक महान दाता हैं

आशा की एक शाखा जो कभी नहीं खिलती
हम गुलशन अफाक के पतन में हैं

हैरान, नशा, निस्वार्थ
जलवा का प्रभाव इस प्रकार मुरारी मामले से स्पष्ट है

किसी को बिजली की अभिव्यक्ति दिखाते हुए कहते हैं
हे विद्यार्थी, तुम्हारे होश कहाँ हैं?

वे अपने मुंह से जो कहते हैं वह एक खुला सच है
जवानों को बंद क्यों नहीं किया जाता है?

जगिर लाहद ने गैर-मौजूदगी में मौत दी है
अब हमारे पास दावा है कि हम घर के लोग हैं

मुझे अवसाद से बाहर निकालने में मदद करें
गरीब देशभक्तों के दुख मर रहे हैं

अगर हमारे साथ बात करें तो समृद्धि है
जहां हम दिल टूटने के कारण हैं

अगर कोई लेख नहीं है, तो यह आपकी ग़ज़ल में नहीं होना चाहिए
अकबर, क्या कम है कि हम भाषाओं में धाराप्रवाह हैं

अकबर इलाहाबादी

Shayari urdu shayari hindi love status sad

لب ہمارے خموش رہتے ہیں
اور کرتی ہیں گفتگو آنکھیں

پھیل جائے جہاں میں تاریکی
بند کر لے کبھی جو تو آنکھیں

اکبر الہ آبادی

हमारे होंठ खामोश हैं
और आँखें बात करती हैं

जहां अंधेरा है, वहां फैलाओ
अपनी आँखें कभी बंद न करें

अकबर इलाहाबादी

چل رہے ہیں قطار میں سورج
اور چراغوں کی رہنمائی ہے

رونقیں اس کی کم نہیں ہوتیں
تو نے محفل عجب سجائی ہے

اکبر الہ آبادی

सूरज एक पंक्ति में बढ़ रहा है
और दीपों का मार्गदर्शन

रंगों की कमी नहीं है
आपने एक शानदार पार्टी सजाई है

अकबर इलाहाबादी

تو ہے ظاہر پرست اے دنیا
مہکے گیسو کا درد کیا جانے

سب تو جھنکار کے ہیں متوالے
کوئی گھنگھرو کا درد کیا جانے

اکبر الہ آبادی

आप ही प्रकटकर्ता हैं, हे संसार
गंध गैस का दर्द

वे सभी शराबी हैं
कोई कर्लिंग दर्द नहीं

अकबर इलाहाबादी

Shayari urdu shayari hindi love status sad

ہجر کے ماروں کی تقدیر بھی کیا ہوتی ہے
دیکھ سکتے ہیں مگر بات نہیں ہو پاتی

ان کناروں سے کبھی پوچھو جدائی کیا ہے
عمر بھر جن کی ملاقات نہیں ہو پاتی

اکبر الہ آبادی

हज के शहीदों का क्या हश्र होता है?
देख सकते हैं लेकिन बात नहीं कर सकते

इन किनारों से पूछें कि अलगाव क्या है
जो जीवन भर नहीं मिले

अकबर इलाहाबादी

وعدۂ شب پر گمان صدق سے سوئے نہ ہم
راہ اس پیماں شکن کی رات بھر دیکھا کئے 

یاد میں رخسار تابان صنم کی رات بھر
دیدۂ حسرت سے ہم سوئے قمر دیکھا کئے

اکبر الہ آبادی

हम रात के वादे पर नहीं सोये थे
पथ ने पूरी रात इस पैमाने को तोड़ने वाले को देखा

रात भर रुखसार तबन सनम की याद में
हमने सोते हुए चाँद को उदासी के साथ देखा

अकबर इलाहाबादी

نا توانی مری دیکھی تو مصوّر نے کہا ​
ڈر ہے تم بھی کہیں کھنچ آؤ نہ تصویر کے ساتھ​

میں ہوں کیا چیز جو اس طرز پہ جاؤں اکبر​
ناسخ و ذوق بھی جب چل نہ سکے میر کے ساتھ​

اکبر الہ آبادی

जब चित्रकार ने बेबसी देखी, तो उसने कहा
मुझे डर है कि तुम भी एक तस्वीर के साथ खींच लिया जाएगा

मैं क्या हूँ इस रास्ते से अकबर जाने के लिए
जब नस्क और ज़ौक मीर के साथ नहीं चल सकते थे

अकबर इलाहाबादी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *