Poetry In hindi sad poetry in urdu best shayari

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Poetry In hindi sad poetry in urdu best shayari

خود کو ہے اگر بدلا وقت کے مطابق تو
وقت کو بدلنے کے حوصلے بھی رکھتا ہوں

اتباف ابرک

अगर आप समय के अनुसार खुद को बदलते हैं
मैं भी समय बदलने की हिम्मत रखता हूं

لکھا گیا تھا حیات جس کو
یہ رفتہ رفتہ سی خود کشی ہے

اتباف ابرک

Poetry In hindi sad poetry in urdu best shayari

जीवन उसे लिखा गया था
यह धीरे-धीरे आत्महत्या है

غیر کی خاک جستجو کرتے
آپ ہوتے تو آرزو کرتے

وقت منت کرے مداوا کر
اور ہم پھر سے ہو بہو کرتے

حل مسائل جو بات سے ہوتے
عمر بھر خود سے گفتگو کرتے

یاد آتی ہے بن کے نامہ بر
تھا گلہ گر تو روبرو کرتے

جب رگ و جاں میں کوئی بستا ہو
اور کو کیسے تم سے تو کرتے

کس کو فرصت ہے اس مشقت کی
آپ ہوتے تو دل رفو کرتے

اب سہارا ہیں شعر ہی میرا
ہم کو لکھ لکھ کے سرخرو کرتے

تنگ ان آنسوؤں سے ہوں ابرک
جو خبر تیری چارسو کرتے

اتباف ابرک

दूसरों की धूल में खोज
मैं इच्छा करता हूँ की आप

समय के लिए प्रार्थना करें
और हम इसे फिर से करेंगे

बात करने से हल हो गई
जीवन भर अपने आप से बात करो

मुझे बिन पत्र याद है
अगर वहाँ गिरावट होती, तो वे एक-दूसरे का सामना करते

जब कोई नस में रहता है
और आप ऐसा कैसे कर सकते हैं?

इस कष्ट का अवसर किसके पास है?
अगर तुम होते तो तुम्हारा दिल ठीक हो जाता

अब शेर ही मेरा सहारा है
वे हमें लिखते थे

मैं इन आँसुओं से थक गया हूँ
जो खबर आपको खुश कर गई

Poetry In hindi sad poetry in urdu best shayari

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خلش, گھٹن ہے یہ تشنگی ہے
ہمیں تھا دھوکہ یہ زندگی ہے

پلک جھپکتے خوشی ندارد
تو غم نہ کوئی بھی عارضی ہے

ہیں سب رویے بجھے بجھے سے
نہ دوست اب ہے نہ دشمنی ہے

نہ کوئی سنتا نہ کہہ سکے ہم
ہے شور اتنا کہ خامشی ہے

جلایا امید نے دیا جب
تو سب سے پہلے یہ خود جلی ہے

تلاش میں تھا میں منزلوں کی
سفر سفر میں گزر گئی ہے

لکھا گیا تھا حیات جس کو
یہ رفتہ رفتہ سی خود کشی ہے

کبھی محبت تھی حرف آخر
تو اب تعلق یہ سرسری ہے

میں جب بھی نکلا تری گلی سے
تو سامنے پھر تری گلی ہے

یہ سب مری خوش گمانیاں ہیں
یہ سب محبت کی سادگی ہے

نہ جانے کب سے یوں جی رہا ہوں
کہ سانس جیسے یہ آخری ہے

میں جب سے سمجھا ہوں تجھ کو ابرک
یہ نیند تب سے اڑی اڑی ہے

اتباف ابرک

खलश, घुटना, यह प्यास है
हमें धोखा दिया गया, यह जीवन है

पलक झपकते ही खुशी नहीं होती
तो कोई दु: ख अस्थायी नहीं है

सभी तरह के व्यवहार हैं
अब कोई दोस्त या दुश्मनी नहीं है

कोई सुन या कह नहीं सकता था
इतना शोरगुल है कि सन्नाटा है

जब जलती आशा दी
इसलिए सबसे पहले, यह आत्म-प्रवृत्त है

मुझे गंतव्यों की तलाश थी
यात्रा बीत चुकी है

जीवन उसे लिखा गया था
यह धीरे-धीरे आत्महत्या है

प्रेम आखिरी शब्द था
तो अब रिश्ता सतही है

जब भी मैं गली से निकला
फिर सामने एक गीली गली है

ये सब कल्पनाएँ हैं
यह प्रेम की सरलता है

मुझे नहीं पता कि मैं कब से इस तरह से जी रहा हूं
वह सांस इस तरह है

जब से मैंने तुम्हें समझा
यह नींद कब से उड़ रही है

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