dard bhari ghazal Best evers sad ghazals

dard bhari ghazal Best evers sad ghazals

अगर हिल आफ हैं होने दो जान थोड़ी है। यह सब दुआ है। कोई आसमान थोड़ी है लगेगी। आग तो आएंगे घर कई ज़द में यहां पर सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है। मैं जानता हूं कि दुश्मन भी कम नहीं। लेकिन हमारी तरह हथेली पर जान थोड़ी है। हमारे मुंह से जो निकले वही सदाकत है। हमारे मुंह में तुम्हारी जुबान थोड़ी है। जो आज साहब बंद है, कल नहीं होंगे। किराएदार हैं। जाति मकान थोड़ी है सभी का खून है शामिल यहां की मिट्टी में। किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है।

Sad ghazals best ghazals in hindi urdu ghazal

खूब-खूब फैल गई बात छे ना सहाई कि उसने खुशबू की तरह मेरी प्रजा राय की कैसे कह दूं कि मुझे छोड़ दिया है। उसने बात तो सच है। मगर बात है रुसवाई कि वह कहीं भी गया तो लौटा तो मेरे पास आया बस यही बात है। अच्छी मेरे हरजाई कि तेरे पहलू तेरे दिल की तरह आबाद रहे तुझ पर गुजरे ना कयामत शब्द तन्हाई कि उसने जलती हुई पेशानी पर जब हाथ रखा रोहतक आ गई तस्वीर में साईं की अभी बरसात की रातों में बदन टूटता है जाग उठती है अजब ख्वाहिशें अंगड़ाईकी।

sang e mar mar se tarasha hua ye shokh badan in hindi urdu

سنگ مرمر سے تراشا ہوا تیرا یہ شفاف بدن اتنا دلکش ہے کہ اپنانے کو جی چاہتا ہے سرخ ہونٹوں پہ تھرکتی وہ رنگین شراب جس کو پی کے بہک جانے کو جی چاہتا ہے تم سے کیا رشتہ ہے کب سے ہے یہ معلوم نہیں مگر اس حسن پہ مر جانے کو جی

Best ghazals

ہم سے تو اچھی ہے یہ پا زیب جو اس پاؤں میں ہے اسی پازیب میں ڈل جانے کو جی چاہتا ہے رکھ لو یہ دوسری پازیب کل کے لیے قیس کل پھر اسی بزم میں آنے کو جی چاہتا ہے

best evers ghazals

संगमरमर से तराशा हुआ तेरा यह शफाफ बदन इतना दिलकश है कि अपनाने को जी चाहता है सुर्ख होठों पर थिरक थी वो रंगीन शराब जिसको पीकर बहक जाने को जी चाहता है तुमसे क्या रिश्ता है और कब से है यह मालूम नहीं मगर इस हुस्न पर मर जाने को जी चाहता है। हमसे तो अच्छी है यह पाजेब जो इस गांव में है इसी पास जेब में ढल जाने को जी चाहता है रख लो यह दूसरी पाजेब कल के लिए गैस कल फिर इसी वजन में आने को जी चाहता है।

dard bhari ghazal

aah ko chaahiye ik umr asar hone tak
kaun jeeta hai teri zulf ke sar hone tak ?

mmirza ghalib

گھر جب بنا لیا ترے در پر کہے بغیر
جانے گا اب بھی تو نہ مرا گھر کہے بغیر

کہتے ہیں جب رہی نہ مجھے طاقت سخن
جانوں کسی کے دل کی میں کیونکر کہے بغیر

کام اس سے آ پڑا ہے کہ جس کا جہان میں
لیوے نہ کوئی نام ستم گر کہے بغیر

جی میں ہی کچھ نہیں ہے ہمارے وگرنہ ہم
سر جائے یا رہے نہ رہیں پر کہے بغیر

چھوڑوں گا میں نہ اس بت کافر کا پوجنا
چھوڑے نہ خلق گو مجھے کافر کہے بغیر

مقصد ہے ناز و غمزہ ولے گفتگو میں کام
چلتا نہیں ہے دشنہ و خنجر کہے بغیر

ہر چند ہو مشاہدۂ حق کی گفتگو
بنتی نہیں ہے بادہ و ساغر کہے بغیر

بہرا ہوں میں تو چاہیئے دونا ہو التفات
سنتا نہیں ہوں بات مکرر کہے بغیر

غالب نہ کر حضور میں تو بار بار عرض
ظاہر ہے تیرا حال سب ان پر کہے بغیر
مرزا غالب

aashiqee sabr talab aur tamanna betaab
dil ka kya rang karooN KHoon-e-jigar hone tak ?

humne maana ke taGHaful na karoge lekin,
KHaak ho jaayeNge ham tumko KHabar hone tak

GHam-e-hastee ka ‘Asad’ kis se ho juz marg ilaaz
shamma har rang meiN jaltee hai sahar hone tak


hazaaroN KHwahishaiN aisi ke har KHwahish pe dum nikale
Mirza ghalib ghazals

hazaaroN KHwahishaiN aisi ke har KHwahish pe dum nikale
bohot nikle mere armaaN lekin fir bhee kum nikale

nikalna KHuld se aadam ka sunte aayaiN haiN lekin
bohot beaabaru hokar tere kooche se hum nikale

mohabbat meiN naheeN hai farq jeene aur marne kaa
usee ko dekh kar jeete haiN jis kaafir pe dum nikale

KHuda ke waaste parda nakaabe se uThaa zaalim
kaheeN aisa na ho yaaN bhee wohee kaafir sanam nikale

kahaaN maiKHaane ka darwaaza ‘GHalib’ aur kahaaN waaiz
par itana jaante haiN kal wo jaata tha ke hum nikale

dard bhari ghazal
dard bhari ghazal

اگر خلاف ہیں ہونے دو جان تھوڑی ہے
یہ سب دھواں ہے کوئی آسمان تھوڑی ہے
لگے گی آگ تو آئیں گے گھر کئی زد میں
یہاں پہ صرف ہمارا مکان تھوڑی ہے
میں جانتا ہوں کہ دشمن بھی کم نہیں لیکن
ہماری طرح ہتھیلی پہ جان تھوڑی ہے
ہمارے منہ سے جو نکلے وہی صداقت ہے
ہمارے منہ میں تمہاری زبان تھوڑی ہے
جو آج صاحب مسند ہیں کل نہیں ہوں گے
کرائے دار ہیں ذاتی مکان تھوڑی ہے
سبھی کا خون ہے شامل یہاں کی مٹی میں
کسی کے باپ کا ہندوستان تھوڑی ہے​
راحت اندوری

dard bhari ghazal

dard bhari ghazal

dard bhari ghazal

Rahat indori shayari photo shayari image Rahat indori

गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या-क्या है
मैं आ गया हूँ बता इन्तज़ाम क्या-क्या है

फक़ीर शेख कलन्दर इमाम क्या-क्या है
तुझे पता नहीं तेरा गुलाम क्या क्या है

अमीर-ए-शहर के कुछ कारोबार याद आए
मैँ रात सोच रहा था हराम क्या-क्या है

dard bhari ghazal

dard bhari ghazal

Rahat indori shayari photo shayari image Rahat indori

बुलाती है मगर जाने का नहीं
ये दुनिया है इधर जाने का नहीं

मेरे बेटे किसी से इश्क़ कर
मगर हद से गुज़र जाने का नहीं

ज़मीं भी सर पे रखनी हो तो रखो
चले हो तो ठहर जाने का नहीं

सितारे नोच कर ले जाऊंगा
मैं खाली हाथ घर जाने का नहीं

वबा फैली हुई है हर तरफ
अभी माहौल मर जाने का नहीं

वो गर्दन नापता है नाप ले
मगर जालिम से डर जाने का नहीं

dard bhari ghazal

dard bhari ghazal

तेरी हर बात मोहब्बत में गवारा करके
दिल के बाज़ार में बैठे हैँ ख़सारा करके

आसमानो की तरफ फेक दिया है मैंने
चंद मिट्टी के चिरागों को सितारा करके

एक चिन्गारी नज़र आई थी बस्ती मेँ उसे
वो अलग हट गया आँधी को इशारा करके

मैं वो दरिया हूँ कि हर बूँद भंवर है जिसकी
तुमने अच्छा ही किया मुझसे किनारा करके

आते जाते है कई रंग मेरे चेहरे पर
लोग लेते है मज़ा जिक्र तुम्हारा करके

मुन्तज़िर हूँ कि सितारों की ज़रा आँख लगे
चाँद को छत पे बुला लूँगा इशारा करके

dard bhari ghazal

सिर्फ खंजर ही नहीं आँखों में पानी चाहिए,
ऐ खुदा दुश्मन भी मुझको खानदानी चाहिए

मैंने अपनी खुश्क आँखों से लहू छलका दिआ,
एक समन्दर कह रहा था मुझको पानी चाहिए।

सिर्फ खबरों की ज़मीने देके मत बहलाइये
राजधानी दी थी हमने, राजधानी चाहिए

dard bhari ghazal

dard bhari ghazal

हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं
मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिन्दुस्तान कहते हैं

ज दुनिया में सुनाई दे उसे कहते है ख़ामोशी
जो आँखों में दिखाई दे उसे तूफान कहते है

जो ये दीवार का सुराख है साज़िश का हिस्सा है
मगर हम इसको अपने घर का रोशनदान कहते हैं

ये ख्वाहिश दो निवालों की हमें बर्तन की हाजत क्या
फ़क़ीर अपनी हथेली को ही दस्तरख्वान कहते हैं

मेरे अंदर से एक-एक करके सब कुछ हो गया रुखसत
मगर एक चीज़ बाकी है जिसे ईमान कहते हैं

dard bhari ghazal

अगर खिलाफ है होने दो जान थोड़ी है,
ये सब धुँआ है कोई आसमान थोड़ी है |

लगेगी आग तो आएंगे घर कई ज़द में,
यहाँ पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है |

हमारे मुह से जो निकले वही सदाकत है,
हमरे मुह में तुम्हारी जबान थोड़ी है |

मै जानता हूँ कि दुश्मन भी कम नहीं है,
लेकिन हमारी तरह हथेली पे जान थोड़ी है |

आज शाहिबे मसनद है कल नहीं होंगे,
किरायेदार है जात्ती मकान थोड़ी है |

सभी का खून है शामिल इस मिट्टी में,
किसे के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है |

dard bhari ghazal

dard bhari ghazal

तेरी हर बात मोहब्बत में गवारा करके
दिल के बाज़ार में बैठे हैँ ख़सारा करके

आसमानो की तरफ फेक दिया है मैंने
चंद मिट्टी के चिरागों को सितारा करके

एक चिन्गारी नज़र आई थी बस्ती मेँ उसे
वो अलग हट गया आँधी को इशारा करके

मैं वो दरिया हूँ कि हर बूँद भंवर है जिसकी
तुमने अच्छा ही किया मुझसे किनारा करके

आते जाते है कई रंग मेरे चेहरे पर
लोग लेते है मज़ा जिक्र तुम्हारा करके

मुन्तज़िर हूँ कि सितारों की ज़रा आँख लगे
चाँद को छत पे बुला लूँगा इशारा करके

dard bhari ghazal

अगर हिल आफ हैं होने दो जान थोड़ी है। यह सब दुआ है। कोई आसमान थोड़ी है लगेगी। आग तो आएंगे घर कई ज़द में यहां पर सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है। मैं जानता हूं कि दुश्मन भी कम नहीं। लेकिन हमारी तरह हथेली पर जान थोड़ी है। हमारे मुंह से जो निकले वही सदाकत है। हमारे मुंह में तुम्हारी जुबान थोड़ी है। जो आज साहब बंद है, कल नहीं होंगे। किराएदार हैं। जाति मकान थोड़ी है सभी का खून है शामिल यहां की मिट्टी में। किसी के बाप का हिंदुस्तान थोड़ी है।

اگر خلاف ہیں ہونے دو جان تھوڑی ہے
یہ سب دھواں ہے کوئی آسمان تھوڑی ہے

لگے گی آگ تو آئیں گے گھر کئی زد میں
یہاں پہ صرف ہمارا مکان تھوڑی ہے

میں جانتا ہوں کہ دشمن بھی کم نہیں لیکن
ہماری طرح ہتھیلی پہ جان تھوڑی ہے

ہمارے منہ سے جو نکلے وہی صداقت ہے
ہمارے منہ میں تمہاری زبان تھوڑی ہے

جو آج صاحب مسند ہیں کل نہیں ہوں گے
کرائے دار ہیں ذاتی مکان تھوڑی ہے

سبھی کا خون ہے شامل یہاں کی مٹی میں
کسی کے باپ کا ہندوستان تھوڑی ہے​

راحت اندوری

dard bhari ghazal
dard bhari ghazal

मैं आखिर कौन सा मौसम तुम्हारे नाम कर देता। यहां हर एक मौसम को गुजर जाने की जल्दी थी राहत इंदौरी!

میں آخر کون سا موسم تمہارے نام کر دیتا
یہاں ہر ایک موسم کو گزر جانے کی جلدی تھی

راحت اندوری

dard bhari ghazal

rahat indori best shayari photo hindi urdu ghazals

पता नहीं यह परिंदे कहां से आ पहुंचे अभी जमाना कहां था उदास होने का राहत इंदौरी।

پتہ نہیں یہ پرندے کہاں سے آ پہنچے
ابھی زمانہ کہاں تھا اداس ہونے کا

راحت اندوری

dard bhari ghazal

हम से पहले भी मुसाफिर कहीं गुजरे होंगे कम से कम राह के पत्थर तो हट आते जाते राहत इंदौरी।

ہم سے پہلے بھی مسافر کئی گزرے ہوں گے
کم سے کم راہ کے پتھر تو ہٹاتے جاتے

راحت اندوری

راحت اندوری rahat indori

زندگی بھر دور رہنے کی سزائیں رہ گئیں
میرے کیسہ میں مری وفائیں رہ گئیں

نوجواں بیٹوں کو شہروں کے تماشے لے اڑے
گاؤں کی جھولی میں کچھ مجبور مائیں رہ گئیں

بجھ گیا وحشی کبوتر کی ہوس کا گرم خون
نرم بستر پر تڑپتی فاختائیں رہ گئیں

ایک اک کر کے ہوئے رخصت مرے کنبے کے لوگ
گھر کے سناٹے سے ٹکراتی ہوائیں رہ گئیں

بادہ خانے شاعری نغمے لطیفے رتجگے
اپنے حصے میں یہی دیسی دوائیں رہ گئیں

dard bhari ghazal

راحت اندوری
میں لاکھ کہہ دوں کہ آکاش ہوں زمیں ہوں میں
مگر اسے تو خبر ہے کہ کچھ نہیں ہوں میں

عجیب لوگ ہیں میری تلاش میں مجھ کو
وہاں پہ ڈھونڈ رہے ہیں جہاں نہیں ہوں میں

میں آئنوں سے تو مایوس لوٹ آیا تھا
مگر کسی نے بتایا بہت حسیں ہوں میں

وہ ذرے ذرے میں موجود ہے مگر میں بھی
کہیں کہیں ہوں کہاں ہوں کہیں نہیں ہوں میں

وہ اک کتاب جو منسوب تیرے نام سے ہے
اسی کتاب کے اندر کہیں کہیں ہوں میں

ستارو آؤ مری راہ میں بکھر جاؤ
یہ میرا حکم ہے حالانکہ کچھ نہیں ہوں میں

یہ بوڑھی قبریں تمہیں کچھ نہیں بتائیں گی
مجھے تلاش کرو دوستو یہیں ہوں میں

dard bhari ghazal

dard bhari ghazal

rahat indori best shayari photo hindi urdu ghazals

rahat indori best shayari

https://shayari-urdu-hindi.com/shayari-level-shayari-urdu-hindi-english-aansu-shayari/

راحت اندوری
یہ خاک زادے جو رہتے ہیں بے زبان پڑے
اشارہ کر دیں تو سورج زمیں پہ آن پڑے

سکوت زیست کو آمادۂ بغاوت کر
لہو اچھال کہ کچھ زندگی میں جان پڑے

ہمارے شہر کی بینائیوں پہ روتے ہیں
تمام شہر کے منظر لہو لہان پڑے

اٹھے ہیں ہاتھ مرے حرمت زمیں کے لیے
مزا جب آئے کہ اب پاؤں آسمان پڑے

کسی مکین کی آمد کے انتظار میں ہیں
مرے محلے میں خالی کئی مکان پڑے

dard bhari ghazal

https://cacke-recipe.com/creme-egg-cupcakes-recipe-the-best-easy-cake-recipe

rahat indori best shayari photo hindi urdu ghazals

راحت اندوری
میرے کاروبار میں سب نے بڑی امداد کی
داد لوگوں کی گلا اپنا غزل استاد کی

اپنی سانسیں بیچ کر میں نے جسے آباد کی
وہ گلی جنت تو اب بھی ہے مگر شداد کی

عمر بھر چلتے رہے آنکھوں پہ پٹی باندھ کر
زندگی کو ڈھونڈنے میں زندگی برباد کی

داستانوں کے سبھی کردار کم ہونے لگے
آج کاغذ چنتی پھرتی ہے پری بغداد کی

اک سلگتا چیختا ماحول ہے اور کچھ نہیں
بات کرتے ہو یگانہ کس امین آباد کی

dard bhari ghazal

rahat indori best shayari photo hindi urdu ghazals

راحت اندوری
ساتھ منزل تھی مگر خوف و خطر ایسا تھا
عمر بھر چلتے رہے لوگ سفر ایسا تھا

جب وہ آئے تو میں خوش بھی ہوا شرمندہ بھی
میری تقدیر تھی ایسی مرا گھر ایسا تھا

حفظ تھیں مجھ کو بھی چہروں کی کتابیں کیا کیا
دل شکستہ تھا مگر تیز نظر ایسا تھا

آگ اوڑھے تھا مگر بانٹ رہا تھا سایہ
دھوپ کے شہر میں اک تنہا شجر ایسا تھا

لوگ خود اپنے چراغوں کو بجھا کر سوئے
شہر میں تیز ہواؤں کا اثر ایسا تھا

dard bhari ghazal

dard bhari ghazal

dard bhari ghazal

آ کہ مری جان کو قرار نہیں ہے

Poet: مرزا غالب

آ کہ مری جان کو قرار نہیں ہے
طاقت بیداد انتظار نہیں ہے

دیتے ہیں جنت حیات دہر کے بدلے
نشہ بہ اندازۂ خمار نہیں ہے

گریہ نکالے ہے تیری بزم سے مجھ کو
ہائے کہ رونے پہ اختیار نہیں ہے

ہم سے عبث ہے گمان رنجش خاطر
خاک میں عشاق کی غبار نہیں ہے

دل سے اٹھا لطف جلوہ ہائے معانی
غیر گل آئینۂ بہار نہیں ہے

قتل کا میرے کیا ہے عہد تو بارے
وائے اگر عہد استوار نہیں ہے

تو نے قسم مے کشی کی کھائی ہے غالبؔ
تیری قسم کا کچھ اعتبار نہیں ہےmirza ghalib

ہزاروں خواہشیں ایسی کہ ہر خواہش پہ دم نکلے

Poet: Mirza Ghalib

ہزاروں خواہشیں ایسی کہ ہر خواہش پہ دم نکلے
بہت نکلے مرے ارمان لیکن پھر بھی کم نکلے

ڈرے کیوں میرا قاتل کیا رہے گا اس کی گردن پر
وہ خوں جو چشم تر سے عمر بھر یوں دم بدم نکلے

نکلنا خلد سے آدم کا سنتے آئے ہیں لیکن
بہت بے آبرو ہو کر ترے کوچے سے ہم نکلے

بھرم کھل جائے ظالم تیرے قامت کی درازی کا
اگر اس طرۂ پر پیچ و خم کا پیچ و خم نکلے

مگر لکھوائے کوئی اس کو خط تو ہم سے لکھوائے
ہوئی صبح اور گھر سے کان پر رکھ کر قلم نکلے

ہوئی اس دور میں منسوب مجھ سے بادہ آشامی
پھر آیا وہ زمانہ جو جہاں میں جام جم نکلے

ہوئی جن سے توقع خستگی کی داد پانے کی
وہ ہم سے بھی زیادہ خستۂ تیغ ستم نکلے

محبت میں نہیں ہے فرق جینے اور مرنے کا
اسی کو دیکھ کر جیتے ہیں جس کافر پہ دم نکلے

کہاں مے خانہ کا دروازہ غالبؔ اور کہاں واعظ
پر اتنا جانتے ہیں کل وہ جاتا تھا کہ ہم نکلے

دل ناداں تجھے ہوا کیا ہے

Poet: Mirza Ghalib

دل ناداں تجھے ہوا کیا ہے
آخر اس درد کی دوا کیا ہے

ہم ہیں مشتاق اور وہ بیزار
یا الٰہی یہ ماجرا کیا ہے

میں بھی منہ میں زبان رکھتا ہوں
کاش پوچھو کہ مدعا کیا ہے

جب کہ تجھ بن نہیں کوئی موجود
پھر یہ ہنگامہ اے خدا کیا ہے

یہ پری چہرہ لوگ کیسے ہیں
غمزہ و عشوہ و ادا کیا ہے

شکن زلف عنبریں کیوں ہے
نگہ چشم سرمہ سا کیا ہے

سبزہ و گل کہاں سے آئے ہیں
ابر کیا چیز ہے ہوا کیا ہے

ہم کو ان سے وفا کی ہے امید
جو نہیں جانتے وفا کیا ہے

ہاں بھلا کر ترا بھلا ہوگا
اور درویش کی صدا کیا ہے

جان تم پر نثار کرتا ہوں
میں نہیں جانتا دعا کیا ہے

میں نے مانا کہ کچھ نہیں غالبؔ
مفت ہاتھ آئے تو برا کیا ہے

آہ کو چاہیے اک عمر اثر ہوتے تک

Poet: Deewan-e-Ghalib

آہ کو چاہیے اک عمر اثر ہوتے تک
کون جیتا ہے تری زلف کے سر ہوتے تک

دام ہر موج میں ہے حلقۂ صد کام نہنگ
دیکھیں کیا گزرے ہے قطرے پہ گہر ہوتے تک

عاشقی صبر طلب اور تمنا بیتاب
دل کا کیا رنگ کروں خون جگر ہوتے تک

تا قیامت شب فرقت میں گزر جائے گی عمر
سات دن ہم پہ بھی بھاری ہیں سحر ہوتے تک

ہم نے مانا کہ تغافل نہ کرو گے لیکن
خاک ہو جائیں گے ہم تم کو خبر ہوتے تک

پرتو خور سے ہے شبنم کو فنا کی تعلیم
میں بھی ہوں ایک عنایت کی نظر ہوتے تک

یک نظر بیش نہیں فرصت ہستی غافل
گرمیٔ بزم ہے اک رقص شرر ہوتے تک

غم ہستی کا اسدؔ کس سے ہو جز مرگ علاج
شمع ہر رنگ میں جلتی ہے سحر ہوتے تک

آئینہ دیکھ اپنا سا منہ لے کے رہ گئے

Poet: Deewan-e-Ghalib

آئینہ دیکھ اپنا سا منہ لے کے رہ گئے
صاحب کو دل نہ دینے پہ کتنا غرور تھا

قاصد کو اپنے ہاتھ سے گردن نہ ماریے
اس کی خطا نہیں ہے یہ میرا قصور تھا

ضعف جنوں کو وقت تپش در بھی دور تھا
اک گھر میں مختصر بیاباں ضرور تھا

اے وائے غفلت نگۂ شوق ورنہ یاں
ہر پارہ سنگ لخت دل کوہ طور تھا

درس تپش ہے برق کو اب جس کے نام سے
وہ دل ہے یہ کہ جس کا تخلص صبور تھا

ہر رنگ میں جلا اسدؔ فتنہ انتظار
پروانۂ تجلی شمع ظہور تھا

شاید کہ مر گیا ترے رخسار دیکھ کر
پیمانہ رات ماہ کا لبریز نور تھا

جنت ہے تیری تیغ کے کشتوں کی منتظر
جوہر سواد جلوۂ مژگان حور تھا

. हर एक बात पे कहते हो तुम कि ‘तू क्या है’
हर एक बात पे कहते हो तुम कि ‘तू क्या है’
तुम्हीं कहो कि ये अंदाज़-ए-गुफ़्तगू क्या है

न शो’ले में ये करिश्मा न बर्क़ में ये अदा
कोई बताओ कि वो शोखे-तुंद-ख़ू क्या है

ये रश्क है कि वो होता है हमसुख़न तुमसे
वर्ना ख़ौफ़-ए-बद-आमोज़िए-अ़दू क्या है

चिपक रहा है बदन पर लहू से पैराहन
हमारी जैब को अब हाजत-ए-रफ़ू क्या है

जला है जिस्म जहाँ, दिल भी जल गया होगा
कुरेदते हो जो अब राख, जुस्तजू क्या है

रगों में दौड़ने-फिरने के हम नहीं क़ायल
जब आँख ही से न टपका, तो फिर लहू क्या है

वो चीज़ जिसके लिये हमको हो बहिश्त अज़ीज़
सिवाए वादा-ए-गुल्फ़ाम-ए-मुश्कबू क्या है

पियूँ शराब अगर ख़ुम भी देख लूँ दो-चार
ये शीशा-ओ-क़दह-ओ-कूज़ा-ओ-सुबू क्या है

रही न ताक़त-ए-गुफ़्तार और अगर हो भी
तो किस उमीद पे कहिए कि आरज़ू क्या है

हुआ है शाह का मुसाहिब, फिरे है इतराता
वगर्ना शहर में ‘ग़ालिब; की आबरू क्या है

शब्दार्थ:

शोखे-तुंद-ख़ू – बिज़ली
शोखे-तुंद-ख़ू – शरारती-अकड़ वाला
हमसुख़न – अकसर बातें करना
ख़ौफ़-ए-बद-आमोज़िए-अ़दू – दुश्मन के सिखाने-पढ़ाने का डर
पैराहन – चोला
हाजत-ए-रफ़ू – रफ़ू करने की जरूरत
जुस्तजू – तलाश
क़ायल – प्रभावित होना
बहिश्त – स्वर्ग
ऊपर अज़ीज़ – प्रिय
ऊपर वादा-ए-गुल्फ़ाम-ए-मुश्कबू – गुलाबी कस्तूरी-सुगंधित शराब
ख़ुम – शराब के ढ़ोल
शीशा-ओ-क़दह-ओ-कूज़ा-ओ-सुबू – बोतल, प्याला, मधु-पात्र और मधु-कलश
ताक़त-ए-गुफ़्तार – बोलने की ताकत
मुसाहिब – ऱाजा का दरबारी
आबरू – प्रतिष्ठा


aah ko chaahiye ik umr asar hone tak

aah ko chaahiye ik umr asar hone tak
kaun jeeta hai teri zulf ke sar hone tak ?

aashiqee sabr talab aur tamanna betaab
dil ka kya rang karooN KHoon-e-jigar hone tak ?

humne maana ke taGHaful na karoge lekin,
KHaak ho jaayeNge ham tumko KHabar hone tak

GHam-e-hastee ka ‘Asad’ kis se ho juz marg ilaaz
shamma har rang meiN jaltee hai sahar hone tak


har ek baat pe kehte ho tum

har ek baat pe kehte ho tum ke ‘too kya hai’ ?
tumheeN kaho ke yeh andaaz-e-guftgoo kya hai?

ragoN meiN dauDte firneke hum naheeN qaayal
jab aaNkh hee se na Tapka to fir lahoo kya hai ?

chipak raha hai badan par lahoo se pairaahan
hamaaree jeb ko ab haajat-e-rafoo kya hai ?

jalaa hai jism jahaaN dil bhee jal gaya hoga
kuredateho jo ab raakh, justjoo kya hai ?

rahee na taaqat-e-guftaar, aur agar ho bhee
to kis ummeed pe kahiye ke aarzoo kya hai ?

2. ग़ैर लें महफ़िल में बोसे जाम के
ग़ैर लें महफ़िल में बोसे जाम के

ग़ैर लें महफ़िल में बोसे जाम के
हम रहें यूँ तिश्ना-लब पैग़ाम के

ख़स्तगी का तुम से क्या शिकवा कि ये
हथकण्डे हैं चर्ख़-ए-नीली-फ़ाम के

ख़त लिखेंगे गरचे मतलब कुछ न हो
हम तो आशिक़ हैं तुम्हारे नाम के

रात पी ज़मज़म पे मय और सुब्ह-दम
धोए धब्बे जामा-ए-एहराम के

दिल को आँखों ने फँसाया क्या मगर
ये भी हल्क़े हैं तुम्हारे दाम के

शाह के है ग़ुस्ल-ए-सेह्हत की ख़बर
देखिए कब दिन फिरें हम्माम के

इश्क़ ने ग़ालिब निकम्मा कर दिया
वर्ना हम भी आदमी थे काम के

शब्दार्थ :

बोसे – चुम्मन
तिश्ना-लब – प्यासे होंठ
ख़स्तगी – कमजोरी
चर्ख़-ए-नीली-फ़ाम – नीला आकाश
जामा-ए-एहराम – एक ख़ास कपड़ा जो हज में पहनते हैं
हल्क़े – जंजीर
दाम – फासने के
ग़ुस्ल-ए-सेह्हत – तबियत ठीक होने के बाद का स्नान

Urdu ghazals hindi ghazals best sad status

آرزو کو روح میں غم بن کے رہنا آ گیا
سہتے سہتے ہم کو آخر رنج سہنا آ گیا

دل کا خوں آنکھوں میں کھنچ آیا چلو اچھا ہوا
میری آنکھوں کو مرا احوال کہنا آ گیا

سہل ہو جائے گی مشکل ضبط سوز و ساز کی
خون دل کو آنکھ سے جس روز بہنا آ گیا

میں کسی سے اپنے دل کی بات کہہ سکتا نہ تھا
اب سخن کی آڑ میں کیا کچھ نہ کہنا آ گیا

جب سے منہ کو لگ گئی اختر محبت کی شراب
بے پیے آٹھوں پہر مدہوش رہنا آ گیا

اختر انصاری

आरज़ू अपनी आत्मा में दुःख के साथ रहने के लिए आया था
जैसा कि हमने सहन किया, हमें आखिरकार भुगतना पड़ा

दिल का खून मेरी आँखों में उतर आया। चलो अच्छा हुआ
मेरी आँखें अलविदा कहने आईं

जलन को नियंत्रित करना आसान होगा
जिस दिन आंख से हृदय तक रक्त प्रवाहित हुआ

मैं अपने मन की बात किसी से नहीं कह सकता था
अब बोलने की आड़ में कुछ नहीं कहना है

जब से अख्तर ने प्यार की शराब पीना शुरू किया
मैं आठ बजे नशे में रहने आया था

अख्तर अंसारी

Urdu ghazals hindi ghazals best sad status

کیا خبر تھی اک بلائے ناگہانی آئے گی
نامرادی کی نشانی یہ جوانی آئے گی

سب کہیں گے کون کرتا ہے ہمارے راز فاش
جب مرے لب پر محبت کی کہانی آئے گی

نامرادی سے کہو منہ پھیر لے اپنا ذرا
میری دنیا میں عروس کامرانی آئے گی

جب خزاں کی نذر ہو جائے گی دنیا سے شباب
یاد اختر یہ ستم آرا جوانی آئے گی

اختر انصاری

क्या आप जानते हैं कि एक अप्रत्याशित कॉल आएगा?
निराशा का संकेत इस युवा आएगा

हर कोई कहेगा कि हमारे रहस्यों का खुलासा कौन करता है
जब प्रेम कहानी मरे के होठों पर आएगी

मुझे दूर करने के लिए व्यर्थ में बताओ
दुल्हन मेरी दुनिया में समृद्ध होगी

जब शरद ऋतु प्रतिज्ञाओं को दुनिया से दूर ले जाया जाएगा
अख्तर याद रखें यह दमनकारी युवा आएगा

अख्तर अंसारी

رات کو بیٹھ کر لب دریا
دیکھنا آسماں کے تاروں کا

لوح دل پر ابھار دیتا ہے
نقش گزری ہوئی بہاروں کا

اختر انصاری

रात को बैठा रहा, लिप दरिया
आकाश में तारे देखें

गोली दिल को उठाती है
छापें एक तरल पदार्थ, वैश्विक, विसरित तरीके से प्राप्त की जाती हैं

अख्तर अंसारी

dard bhari ghazal

dard bhari ghazal

میرے محبوب مرے دل کو جلایا نہ کرو
ساز چھیڑا نہ کرو گیت سنایا نہ کرو

جاؤ آباد کرو اپنی تمناؤں کو
مجھ کو محفل کا تماشائی بنایا نہ کرو

میری راہوں میں جو کانٹے ہیں تو کیوں پھول ملیں
میرے دامن کو الجھنے دو چھڑایا نہ کرو

تم نے اچھا ہی کیا ساتھ ہمارا نہ دیا
بجھ چکے ہیں جو دیے ان کو جلایا نہ کرو

میرے جیسا کوئی پاگل نہ کہیں مل جائے
تم کسی موڑ پہ تنہا کبھی جایا نہ کرو

یہ تو دنیا ہے سبھی قسم کے ہیں لوگ یہاں
ہر کسی کے لیے تم آنکھ بچھایا نہ کرو

زہر غم پی کے بھی کچھ لوگ جیا کرتے ہیں
ان کو چھیڑا نہ کرو ان کو ستایا نہ کرو

شوکت پردیسی

dard bhari ghazal

https://shayari-urdu-hindi.com/husband-romantic-shayari-love-for-wife-shayari/

[ghazal video mein]

Best evers sad old new ghazals urdu hindi

छू गया जब कभी ख्याल तेरा
दिल मेरा देर तक धड़कता रहा

कल तेरा ज़िक्र छिड़ गया घर में
और घर देर तक महकता रहा

रात हम मैक़दे में जा निकले
घर का घर शहर मैं भटकता रहा

उसके दिल में तो कोई मैल न था
मैं खुद जाने क्यूँ झिझकता रहा

मुट्ठियाँ मेरी सख्त होती गयी
जितना दमन कोई भटकता रहा

मीर को पढते पढते सोया था
रात भर नींद में सिसकता रहा

gam bhari gazalen

गझल

chhoo gaya jab kabhee khyaal tera dil mera der tak dhadakata raha kal tera zikr chhid gaya ghar mein aur ghar der tak mahakata raha raat ham maiqade mein ja nikale ghar ka ghar shahar main bhatakata raha usake dil mein to koee mail na tha main khud jaane kyoon jhijhakata raha mutthiyaan meree sakht hotee gayee jitana daman koee bhatakata raha meer ko padhate padhate soya tha raat bhar neend mein sisakata raha

Best evers sad old new ghazals urdu hindi

کبھی آپ کو چھوا؟
میرا دل دیر تک دھڑکتا رہا۔

کل گھر میں آپ کا ذکر ہوا۔
اور گھر میں لمبی بو آ رہی تھی۔

رات ہم mecde گئے
میں گھر سے شہر گھومتا رہا۔

اس کے دل میں کوئی گند نہیں تھا۔
میں اپنے آپ کو جاننے میں کیوں ہچکچا رہا تھا۔

میری مٹھیاں سخت ہو گئیں۔
جتنا جبر گھومتا ہے۔

میر پڑھتے ہوئے سو گئے۔
رات بھر روتا رہا

gam bhari gazalen

Best evers sad old new ghazals urdu hindi

मिट गई दुनिया हमारी
मिट गई दुनिया हमारी आसरा कोई नहीं,
बाँट ली खुशियॉ सभी ने ग़म बाँटता कोई नहीं।

बीच अपनों के भी रहकर लग रहा है ये मुझे,
अजनबी हूँ इस शहर में जानता कोई नहीं।

कैसे रिश्तेदार हैं ये कैसी है ये दोस्ती,
दौरे मुश्किल में हमारे काम आता कोई नहीं।

चैन दिन को है न रातों को सुकूं पाते हैं हम,
दर्द से फिर भी हमारे आशना कोई नहीं।

यूं तो सब हमदर्द हैं और हमनवा भी हैं मगर,
साथ गुरबत में जो दे दे ऐसा मेरा कोई नहीं।

मंजिले-राहत प पहुंचू किस तरह तू ही बता,
रहगुज़र है और मैं हूँ कारवॉ कोई नहीं।

जा के किसको हम सुनाए हाले-दिल तू ही बता,
सुनने वाला ग़म की मेरे दास्तॉ कोई नहीं।

ग़म के साये में है गुज़री उम्र भर ये ज़िंदगी,
दर्द की मेरे खुदाया क्या दवा कोई नहीं।

खा रहा है ठोकरे जाफर तन्हा परदेस में,
रहबरी करने को मेरी राहनुमा कोई नहीं।

[ghazal video]

गजल

[ghazal gana]

gajal

गजल गजल

mit gaee duniya hamaaree

mit gaee duniya hamaaree aasara koee nahin,

baant lee khushiyo sabhee ne gam baantata koee nahin.

beech apanon ke bhee rahakar lag raha hai ye mujhe,

ajanabee hoon is shahar mein jaanata koee nahin.

kaise rishtedaar hain ye kaisee hai ye dostee, daure mushkil mein

hamaare kaam aata koee nahin. chain din ko hai na

raaton ko sukoon paate hain ham, dard se

phir bhee hamaare aashana koee nahin.

yoon to sab hamadard hain aur hamanava bhee hain magar,

saath gurabat mein jo de de aisa mera koee nahin.

manjile-raahat pa pahunchoo kis tarah too hee bata,

rahaguzar hai aur main hoon kaaravo koee nahin.

ja ke kisako ham sunae haale-dil too hee bata,

sunane vaala gam kee mere daasto koee nahin.

gam ke saaye mein hai guzaree umr bhar ye zindagee,

dard kee mere khudaaya kya dava koee nahin.

kha raha hai thokare jaaphar tanha parades mein,

rahabaree karane ko meree raahanuma koee nahin

[ghazal video]

purani ghazal

[ghazal video mein]

Best evers sad old new ghazals urdu hindi

دو چار کیا ہیں سارے زمانے کے باوجود
ہم مٹ نہیں سکیں گے مٹانے کے باوجود

یہ راز کاش باد مخالف تو جان لے
کیوں جل رہے ہیں تیرے بجھانے کے باوجود

اب بھی بہت غرور ہے اک ہاتھ پر اسے
اک ہاتھ حادثے میں گنوانے کے باوجود

بزدل تھا مستحق تھا میں مجھ کو سزا ملی
بخشا نہ اس نے ہاتھ اٹھانے کے باوجود

خوابوں کے شوق میں کہیں آنکھیں گنوا نہ دیں
ہم سو رہے ہیں نیند نہ آنے کے باوجود

Best evers sad old new ghazals urdu hindi

वफ़ा को आज़माना चाहिए था , हमारा दिल दुखाना चाहिए था
आना न आना मेरी मर्ज़ी है , तुमको तो बुलाना चाहिए था

हमारी ख्वाहिश एक घर की थी, उसे सारा ज़माना चाहिए था
मेरी आँखें कहाँ नाम हुई थीं, समुन्दर को बहाना चाहिए था

जहाँ पर पंहुचना मैं चाहता हूँ, वहां पे पंहुच जाना चाहिए था
हमारा ज़ख्म पुराना बहुत है, चरागर भी पुराना चाहिए था

मुझसे पहले वो किसी और की थी, मगर कुछ शायराना चाहिए था
चलो माना ये छोटी बात है, पर तुम्हें सब कुछ बताना चाहिए था

तेरा भी शहर में कोई नहीं था, मुझे भी एक ठिकाना चाहिए था
कि किस को किस तरह से भूलते हैं, तुम्हें मुझको सिखाना चाहिए था

ऐसा लगता है लहू में हमको , कलम को भी डुबाना चाहिए था
अब मेरे साथ रह के तंज़ ना कर , तुझे जाना था जाना चाहिए था

क्या बस मैंने ही की है बेवफाई ,जो भी सच है बताना चाहिए था
मेरी बर्बादी पे वो चाहता है , मुझे भी मुस्कुराना चाहिए था

बस एक तू ही मेरे साथ में है , तुझे भी रूठ जाना चाहिए था
हमारे पास जो ये फन है मियां, हमें इस से कमाना चाहिए था

अब ये ताज किस काम का है, हमें सर को बचाना चाहिए था
उसी को याद रखा उम्र भर कि , जिसको भूल जाना चाहिए था

मुझसे बात भी करनी थी, उसको गले से भी लगाना चाहिए था
उसने प्यार से बुलाया था, हमें मर के भी आना चाहिए था

तुम्हे ‘सतलज ‘ उसे पाने की खातिर, कभी खुद को गवाना चाहिए था !

vafa ko aazamaana chaahie tha ,

hamaara dil dukhaana chaahie tha aana na

aana meree marzee hai ,

tumako to bulaana chaahie tha hamaaree khvaahish

ek ghar kee thee, use saara zamaana chaahie tha

meree aankhen kahaan naam huee theen, samundar ko

bahaana chaahie tha jahaan par panhuchana main chaahata hoon,

vahaan pe panhuch jaana chaahie tha hamaara zakhm puraana bahut hai,

charaagar bhee puraana chaahie tha mujhase pahale vo kisee aur kee thee,

magar kuch

h shaayaraana chaahie tha chalo maana ye

chhotee baat hai, par tumhen sab kuchh bataana chaahie

tha tera bhee shahar mein koee nahin tha, mujhe bhee ek

thikaana chaahie tha ki kis ko kis tarah se bhoolate hain,

tumhen mujhako sikhaana chaahie tha aisa lagata

hai lahoo mein hamako , kalam ko bhee dubaana

chaahie tha ab mere saath rah ke tanz na kar ,

tujhe jaana tha jaana chaahie tha kya bas mainne hee kee

hai bevaphaee ,jo bhee sach hai bataana chaahie tha meree

barbaadee pe vo chaahata hai , mujhe bhee muskuraana

chaahie tha bas ek too hee mere saath mein hai ,

tujhe bhee rooth jaana chaahie tha hamaare paas jo

ye phan hai miyaan, hamen is se kamaana chaahie tha

ab ye taaj kis kaam ka hai, hamen sar ko bachaana chaahie tha

usee ko yaad rakha umr bhar ki ,

jisako bhool jaana chaahie tha mujhase baat bhee karanee thee,

usako gale se bhee lagaana chaahie tha usane pyaar se bulaaya tha,

hamen mar ke bhee aana chaahie tha tumhe ‘satalaj ‘

use paane kee khaatir, kabhee khud ko gavaana chaahie tha !

dard bhari ghazal


محبت میں شکایت کر رہا ہوں
شکایت میں محبت کر رہا ہوں
سنا ہے عادتیں مرتی نہیں ہیں
سو خود کو ایک عادت کر رہا ہوں
وہ یوں بھی خوب صورت ہے مگر میں
اسے اور خوب صورت کر رہا ہوں
اداسی سے بھری آنکھیں ہیں اس کی
میں صدیوں سے زیارت کر رہا ہوں
کسے معلوم کب آئے قیامت
سو ہر دن اک قیامت کر رہا ہوں
ضرورت ہی نہیں میری کسی کو
سو خود کو اپنی چاہت کر رہا ہوں

اس طرح بھی کوئی سرگشتہ و برباد نہ ہو
اک فسانہ ہوں جو کچھ یاد ہو کچھ یاد نہ ہو

درد وہ ہے کہ جہاں کو تہ و بالا کر دوں
اس پہ یہ لطف کہ نالہ نہ ہو فریاد نہ ہو

ایک مدّت سے تری بزم سے محروم ہوں میں
کاش وہ چشم عنایت بھی تری یاد نہ ہو

مار ڈالے گی مجھے عافیّت کنج چمن
جوش پرواز کہاں جب کوئی صیّاد نہ ہو

حوصلے عشق کے پامال ہوئے جاتے ہیں
اب یہ بیداد کہیں حسن پہ بیداد نہ ہو

तेरे कूंचे पे आकर भी नहीं अब दिल बहलता है,
यहाँ भी है धुआँ फैला, वहाँ भी कोई जलता है।

परेशां इस ज़माने में न पूछो कौन है कितना,
कभी गिरता, कभी उठता, कभी इन्सां संभलता है।

मोहब्बत आशिक़ी प्यारे लगी कब की न कुछ पूछो,
इनायत उसकी है जिस पर उसे यह दिल से मिलता है।

कोई काग़ज बना कोरा न रंग पाया अधर अपने,
न उसने पोखरे देखे जहाँ पंकज भी खिलता है।

सामने की जगी चाहत पसारो अपनी बाहें फिर,
तुम्हे यह याद तो होगा ये दिल क्यूँ कर मचलता है।

सभी आशिक़ समन्दर के, कोई अंदर, कोई बाहर,
किसे न है कब कैसे इसे सागर समझता है।

tere koonche pe aakar bhee nahin ab dil bahalata hai,

yahaan bhee hai dhuaan phaila,

vahaan bhee koee jalata hai.

pareshaan is zamaane mein na poochho kaun hai kitana,

kabhee girata, kabhee uthata,

kabhee insaan sambhalata hai.

mohabbat aashiqee pyaare lagee kab kee na kuchh poochho,

inaayat usakee hai jis par use yah dil se milata hai.

koee kaagaj bana kora na rang paaya adhar apane,

na usane pokhare dekhe jahaan pankaj bhee khilata hai.

saamane kee jagee chaahat pasaaro apanee baahen phir,

tumhe yah yaad to hoga ye dil kyoon kar machalata hai.

sabhee aashiq samandar ke, koee andar, koee baahar,

kise na hai kab kaise ise saagar samajhata hai.

dard bhari ghazal

سنا ہے خواب مکمل کبھی نہیں ہوتے
سنا ہے عشق خطا ہے سو کر کے دیکھتے ہیں

حمیرا راحت

Best evers sad old new ghazals urdu hindi

बिछड़ कर फिर मिले…
बिछड़ कर फिर मिले जो हाल पूछेंगे,
मिरे बिन कैसे गुज़रे साल पूछेंगे।

नहीं मुझ सा कोई आशिक़ ज़माने में,
मुझे मालूम है फ़िलहाल पूछेंगे।

अदालत में है ये पेशा वकीलों का,
सवालों से ही हाल-ओ-चाल पूछेंगे।

यही रस्ता अगर संसद भवन का है,
चलाएं कब- तलक हड़ताल पूछेंगे।

bichhad kar phir mile

bichhad kar phir mile jo haal poochhenge,

mire bin kaise guzare saal poochhenge.

nahin mujh sa koee aashiq zamaane mein,

mujhe maaloom hai filahaal poochhenge.

adaalat mein hai ye pesha vakeelon ka,

savaalon se hee haal-o-chaal poochhenge.

yahee rasta agar sansad bhavan ka hai,

chalaen kab- talak hadataal poochhenge

Best evers sad old new ghazals urdu hindi

اس طرح بھی کوئی سرگشتہ و برباد نہ ہو
اک فسانہ ہوں جو کچھ یاد ہو کچھ یاد نہ ہو

درد وہ ہے کہ جہاں کو تہ و بالا کر دوں
اس پہ یہ لطف کہ نالہ نہ ہو فریاد نہ ہو

ایک مدّت سے تری بزم سے محروم ہوں میں
کاش وہ چشم عنایت بھی تری یاد نہ ہو

مار ڈالے گی مجھے عافیّت کنج چمن
جوش پرواز کہاں جب کوئی صیّاد نہ ہو

حوصلے عشق کے پامال ہوئے جاتے ہیں
اب یہ بیداد کہیں حسن پہ بیداد نہ ہو

dard bhari ghazal

مرے دل کے اکیلے گھر میں راحت
اداسی جانے کب سے رہ رہی ہے
حمیرا راحت

Ret Bhari Hai Aankhon Mein
Aansoo Se Tum Dho Lena,


Koi Sookha Ped Mile To,
Uss Se Lipat Kar Ro Lena.

Koi Ret Ki Pyas Bujhaao,
Janm Janm Ki Pyaasi Hai,


Saahil Ke Dhalne Se Pehle,
Apne Paanv Bhigo Lena.

Maine Dariya Se Seekhi Hai,
Paani Ki PardaDari,


Upar-Upar Hanste Rehna
Gehraayi Mein Ro Lena.

रेत भरी है आँखों में आँसू से तुम धो लेना,
कोई सूखा पेड़ मिले तो उससे लिपटकर रो लेना।

कोई रेत की प्यास बुझाओ जन्म-जन्म की प्यासी है,
साहिल के ढलने के पहले अपने पाँव भिगो लेना।

मैंने दरिया से सीखी है पानी की पर्दादारी,
ऊपर-ऊपर हँसते रहना गहराई में रो लेना।

https://shayari-urdu-hindi.com/uber-accident-lawyer/

جی کے دیکھا ہے مر کے دیکھیں گے
یہ تماشہ بھی کر کے دیکھیں گے

راس آتا نہیں سمٹنا جب
سوچتے ہیں بکھر کے دیکھیں گے

اپنے جلوے وہ آزمائیں گے
حوصلے ہم نظر کے دیکھیں گے

ہم سفر راستوں میں کیا رکنا
منزلوں سے گزر کے دیکھیں گے

نا خدائی کہ آج گہرائی
کشتیوں سے اتر کے دیکھیں گے

dard bhari ghazal

بسی ہے سوکھے گلابوں کی بات سانسوں میں
کوئی خیال کسی یاد کے حصار میں ہے

dard bhari ghazal

Best evers sad old new ghazals urdu hindi

महकता वो चमन लाऊँ कहाँ से,
जुदा जिसका तसव्वुर हो ख़िज़ाँ से।

कभी पूछा है तुमने कहकशाँ से,
हुए गुम क्यों सितारे आसमाँ से।

न जाने क्या मिलाया था नज़र में,
क़दम हिल भी नहीं पाए वहाँ से।

सँभलने के लिए कुछ वक़्त तो दो,
अभी उतरा ही है वो आसमाँ से।

किसी सूरत बहार आए गुलों पर,
उड़ी है इनकी रंगत ही ख़िज़ाँ से।

हटा दे तीरगी जो मेरे दिल की,
मैं ऐसी रोशनी लाऊँ कहाँ से।

अज़ाब-ए-जीस्त रुसवाई ख़मोशी,
मिले ‘निर्मल’ को तुहफ़े महरबां से।

dard bhari ghazal

mahakata vo chaman laoon kahaan se,

juda jisaka tasavvur ho khizaan se.

kabhee poochha hai tumane kahakashaan se,

hue gum kyon sitaare aasamaan se.

na jaane kya milaaya tha nazar mein,

qadam hil bhee nahin pae vahaan se.

sanbhalane ke lie kuchh vaqt to do,

abhee utara hee hai vo aasamaan se.

kisee soorat bahaar aae gulon par,

udee hai inakee rangat hee khizaan se.

hata de teeragee jo mere dil kee,

main aisee roshanee laoon kahaan se.

azaab-e-jeest rusavaee khamoshee,

mile nirmal ko tuhafe maharabaan se.

Best evers sad old new ghazals urdu hindi

جشن غم حیات منانے نہیں دیا
اس مفلسی نے زہر بھی کھانے نہیں دیا

ہم نے جو سادہ لوحی میں کھایا کوئی فریب
پھر وہ فریب اوروں کو کھانے نہیں دیا

آندھی نے روشنی کی حمایت تو کی بہت
لیکن کوئی چراغ جلانے نہیں دیا

اک آدھ گھر تو جل گیا پر شہر بچ گیا
اب کے دیے کا ساتھ ہوا نے نہیں دیا

راضی تھا میں بھی اور مرا دشمن بھی صلح پر
کچھ دوستوں نے ہاتھ ملانے نہیں دیا

ghazal urdu

ghazal

Best evers ghazals urdu sad ghazal old new ghazals

dard bhari ghazal

اس ضد پہ تیرا ظلم گوارا کیا ہم نے
دیکھیں کہ تجھے رحم کہاں تک نہیں آتا

رام ریاض

Judaai Maar Dalegi…

Juda Ho Kar Bhi Jee Rahe Hain Muddat Se,
Kabhi Kehte The Dono Ki Judaai Maar Dalegi.

—,–

Kat Hi Gayi Judaai Bhi Kab Ye Hua Ki Mar Gaye,
Tere Bhi Din Gujar Gaye Mere Bhi Din Gujar Gaye.

—-.—

Dil Juda Hon To Mulaqaat Se Fir Kya Haasil,
Yoon To Sehra Bhi Samandar Se Mila Karte Hain.

जुदा हो कर भी जी रहे हैं मुद्दत से,
कभी कहते थे दोनों कि जुदाई मार डालेगी।

—-.—-

कट ही गई जुदाई भी कब ये हुआ कि मर गए,
तेरे भी दिन गुजर गए मेरे भी दिन गुजर गए।

—.—-

दिल जुड़ा हो तो मुलाक़ात से फिर क्या हासिल,
यूं तो सेहरा भी समंदर से मिला करते हैं।

dard bhari ghazal

Best evers sad old new ghazals urdu hindi


بس ایک بار کسی نے گلے لگایا تھا
پھر اس کے بعد نہ میں تھا نہ میرا سایا تھا
گلی میں لوگ بھی تھے میرے اس کے دشمن لوگ
وہ سب پہ ہنستا ہوا میرے دل میں آیا تھا
اس ایک دشت میں سو شہر ہو گئے آباد
جہاں کسی نے کبھی کارواں لٹایا تھا
وہ مجھ سے اپنا پتا پوچھنے کو آ نکلے
کہ جن سے میں نے خود اپنا سراغ پایا تھا
مرے وجود سے گلزار ہو کے نکلی ہے
وہ آگ جس نے ترا پیرہن جلایا تھا
مجھی کو طعنۂ غارت گری نہ دے پیارے
یہ نقش میں نے ترے ہاتھ سے مٹایا تھا
اسی نے روپ بدل کر جگا دیا آخر
جو زہر مجھ پہ کبھی نیند بن کے چھایا تھا
ظفرؔ کی خاک میں ہے کس کی حسرت تعمیر
خیال و خواب میں کس نے یہ گھر بنایا تھا
ظفر اقبال

उनसे जुदा होकर…

उनसे जुदा होकर भी,
गुफ़्तगू उनसे रोज होती है,
सवाल भी हमारे होते हैं,
और जवाब भी।

unase juda hokar… unase juda hokar bhee,

guftagoo unase roj hotee hai,

savaal bhee hamaare hote hain,

aur javaab bhee.

dard bhari ghazal

مجبوریوں کے نام پہ سب چھوڑنا پڑا
دل توڑنا کٹھن تھا مگر توڑنا پڑا

میری پسند اور تھی سب کی پسند اور
اتنی ذرا سی بات پہ گھر چھوڑنا پڑا

انجم رہبر

सर्द रातों में सताती है जुदाई तेरी,
आग बुझती नहीं सीने में लगाई तेरी,
तू तो कहता था बिछड़ के सुकून पा लेंगे,
फिर क्यों रोती है मेरे दर पे तन्हाई तेरी।

Sard Raaton Mein Satati Hai Judaai Teri,
Aag Bujhti Nahi Seene Mein Lagayi Teri,
Tu To Kehta Tha Bichhad Ke Sukoon Paa Lenge,
Fir Kyun Roti Hai Mere Dar Pe Tanhayi Teri.

dard bhari ghazal

urdu poetry photo
غم کی الجھی ہوئی لکیروں میں
اپنی تقدیر دیکھ لیتی ہوں
آئنہ دیکھنا تو بھول گئی
تیری تصویر دیکھ لیتی ہوں
انجم رہبر

जुदाई से प्यार…

आपकी आहट दिल को बेकरार करती है,
नज़र तलाश आपको बार-बार करती है,
गिला नहीं जो हम हैं इतने दूर आपसे,
हमारी तो जुदाई भी आपसे प्यार करती है।

judaee se pyaar… aapakee aahat dil

ko bekaraar karatee hai,

nazar talaash aapako baar-baar

karatee hai, gila nahin jo ham hain itane

door aapase, hamaaree to judaee

bhee aapase pyaar karatee hai

dard bhari ghazal

urdu ghazals best sad love 2 line poetry photo
یہ کیا کہ تجھے بھی ہے زمانے سے شکایت
یہ کیا کہ تری آنکھ بھی پر نم ہے مری جاں
حبیب جالب

वो न आये…

वो न आये उनकी याद आकर वफा कर गयी,
उनसे मिलने की आस सुकून तबाह कर गयी,
आहट हुयी तो सोचा असर दुआ कर गयी,
दरवाजा खोलकर देखा तो मालूम हुआ कि,
मजाक हमसे हवा कर गयी।

vo na aaye… vo na aaye unakee yaad aakar vapha kar gayee, unase milane kee aas sukoon tabaah kar gayee, aahat huyee to socha asar dua kar gayee, daravaaja kholakar dekha to maaloom hua ki, majaak hamase hava kar gayee.

इंतज़ार के लम्हे भी कितने अजीब होते हैं
सीने की जगह आँखों में दिल धड़कता है।

intazaar ke lamhe bhee kitane ajeeb hote hain

seene kee jagah aankhon mein dil dhadakata hai.

Love shayari image romantic love shayari

dard bhari ghazal

log apne pal kee khaatir doosaron kee jindagee barbaad kar dete hain

dard bhari ghazal

लोग अपने पल की खातिर दूसरों की जिंदगी बर्बाद कर देते हैं

Khushi se dil ko aabad karna…
Aur gham ko dil se azad karna,
Hamari bus itni gujarish hai ke hame bhi
Din me ek baar YAAD karna…

Love shayari image romantic love shayari

dard bhari ghazal

نہ چاھت نہ محبت نہ عشق اور نہ وفا کچھ نہیں اس شخص میں سوائے حسن کے

;romantic love shayari;
,.romantic shayari,.
/romantic shayari in hindi\
love romantic shayri
romantic love shayari in hindi
best romantic shayari in hindi
best romantic shayari
hindi shyari in love

Dil Ne Jise zindagi bhar Chaha Hai
Aaj Karunga Mai Unse Ikrar,
Jiski Sadiyo Se Tammanah Ki Hai,
Unse Karunga Mere Pyar Ka Izhaar..!!

dard bhari ghazal

آپ کے بغیر، سب کچھ بدل جاتا ہے
کل بھی سورج پوری طرح دیوار تک نہیں پہنچا تھا

Ajeeb Si Kashish Hai Aap Me
Ki Hum Aap Ke Khayalon Me Khoye Rehte Hai
Ye Soch Kar Ke Aap Khawabo Me Aao Gay
Hum Din Me Bhi Soya Karte Hai

dard bhari ghazal

لوگ اپنے لمحے سنوارنے کی خاطر دوسروں کی زندگیاں برباد کر جاتے ہیں

Jub Khamosh Aankho Se Baat Hoti Hai
Aise Hi Mohabbat Ki Suruwat Hoti Hai
Tumhare Hi Khayalo Mein Khoye Rehte Hain
Pata Nahi Kab Din Kab Raat Hoti Hai

Tere Naam Ko Honto Pe Sajaya He Mene
Tere Ruh Ko Apne Dil Me Basaya He Mene
Dunya Tumhen Dhondte Dhondte Ho Jaye Gi Pagal
Dil Ke Aise Kone Me Chupaya He Mene.

Ek bar muskura ke kah do ham se pyaar hai tumko,
Ek bar ye bata do ke hamara intezaar hai tumko,
jindagi bhar karenge aapse hi ham ulfat bas,
kaho ki hamari is bat ka ikthiyaar hai tumko..

Saans Lene Se Bhi Teri Yaad Aati Hai,
Hur Saans Mein Teri Khushboo Bas Jati Hai,
Kaise Kahoon Ki Saans Se Main Zinda Hoon,
Jab Ki Saans Se Pehle Teri Yaad Aati Hai…

Har pal ne kaha ek pal se…
Pal bhar ke liye aap mere samne aa jao…
pal bhar ka saath kuch aisa ho…
ki har pal tum hi yaad aao…

Kuch Dair Ka Intezar Mila Hum Ko
Per Sub Se Sweet Yar Mila Hum Ko
Na Rahi Tamana Kisi Ki Tere Bad
Teri Muhabbat Se Wo Pyar Mila Humko.
Mere Dil Ki Taraf Se Happy Valentine Day
Mujhe Tum Se Behisaab Muhabbat Hai Meri Jaan

gam bhari ghazal

Bas Ek Choti Si Haan Kar Do,
Hamare Naam Is Tarah Sara Jahan Kar Do,
Wo Mohabbtain Jo Tumare Dil Mein Hain,
Un Ko Zuban Par Lao Aur Bayan Kr Do!
Valentine’s Day pe kuch to keh do…

https://shayari-urdu-hindi.com/shayari-hindi-shayari-urdu-2-line-shayari-best-shayari/

Love shayari image sad shayari love status best poetry

gazal

Honthon Se Pyaar Ke Fasaane Nahin Aate,
Sahil Pe Sumandar Ke Moti Nahin Aate,
Lelo Abhi Zindagi Mein Pyaar Ka Mazaa,
Phir Laut Ke Hum Jaise Deewane Nahin Aate!

Love shayari image romantic love shayari in hindi

है। उर्दू और हिंदी भाषा में ख़ूब शेर कहे गए हैं। पेश हैं कुछ बेहतरीन चुनिंदा शेर

dard bhari ghazal

ना चाहत ना मोहब्बत ना इश्क और ना वफा कुछ नहीं उस शख्स में सिवाय हुसैन के।

ghazal shayari

उसकी मोहब्बत का सिलसिला भी क्या अजीब था? अपना भी ना बनाया और किसी का होने भी नादिया।

اس کی محبت کا سلسلہ بھی کیا عجیب تھا اپنا بھی نا بنایا اور کسی کا ہونے بھی نہ دیا

dard bhari ghazal

اس کی دوری نے چھین لی ہنسی مجھ سے

اور لوگ کہتے ہیں بہت سدھر گیا ہوں میں

dard bhari ghazal


گلے ملتے ہیں جب کبھی دو بچھڑے ہوئے ساتھی
ہم بے سہاروں کو بڑی تکلیف ہوتی ہے

dard bhari ghazal Best evers sad ghazals

dard bhari ghazal


رات دروازے پہ کتنی دستکوں کے نشان تھے
پھر وہی پاگل ہَوا تھی ، پھر مجھ سے دھوکہ ہوا

How strange was the chain of his love

زندگی ہوتی تو گزاری ہوتی
ہم نے ہر لمحہ موت بسر کی ہے
یہ دنیا ہے صاحب یہاں سچ کو دیکھا
اور جھوٹوں کو موقع ضرور ملتا ہے
زندگی بہت تکلیف دیتی ہے
دعا کرو کہ گزر جائے
تم زندگی کی وہ کمی ہو
جو زندگی بھر رہے گی
تھوڑا سا سفر بس اور تھوڑا سا
اسی آس پہ بہت، تھکا دیا زندگی تُو نے
اب موت کیا مارے گی
ہمیں تو زندگی نے فنا کیا ہے
کھیلتی ہے دکھوں کے ساتھ
زندگی بڑی شرارتی ہے صاحب
زندگی کٹھن ہی سہی
گزارا کیجیے، گزار دیجیے
مسکراہٹ کی بات کرتے ہو
جی رہا ہوں یہی غنیمت ہے

dard bhari ghazal

Best 2 line poetry in hindi urdu shayari

بس یونہی چھوڑ دیا اس نے مجھے
ہائےاس نے مجھے آزمایا بھی نہیں

https://shayari-urdu-hindi.com/international-seo-agency-professional-search-engine-optimization/

تجھ سے نہیں تیرے وقت سے ناراض ہوں
جو کبھی بھی تجھے میرے لیے نہیں ملتا

تیرا روٹھنا بجا ہے لیکن
میری ہچکیوں پہ غور کر

خاموشیاں ہی بہتر ہیں
لفظون سے لوگ اکثر روٹھ جاتے ہیں

مشہور بہت ہے میرے الفاظ کی تاثیر
مگر اک شخص مجھ سے منایا نہیں جاتا

روٹھنے سے کیا ہو گا
آؤ مل کر معذرت کر لیں

چاہو لیکن چاہنے کا یہ تقاضا رکھو کے
چاہت ٹوٹ بھی جائے مگر دل زخمی نا ہو

پھر کسی بات پہ ناراض نہ ہو جاؤ کہیں
تم سے تو بات بڑھاتے ہوئے ڈر لگتا ہے

وہ روٹھا رہے مجھے سے یہ منظور ہے لیکن
یاروں اسے سمجھو وہ میرا شہر نہ چھوڑے

میں اس شخص کو کیسے مناؤں گا محسن
جو مجھ سے روٹھا ہے میری محبت کے سبب

تیرے لہجے سے کیوں لگا مجھ کو
تو میرے روٹھنے پہ راضی ہے

زندگی کٹ گئی مناتے ہوئے
اب ارادہ ہے روٹھ جانے کا

تم جو بچھڑے ہو جلد بازی میں
تم تو اپنے تھے روٹھ بھی سکتے تھے

New sad ghazal best line shayari urdu hindi

تجھ سے نہیں تیرے وقت سے ناراض ہوں
جو کبھی بھی تجھے میرے لیے نہیں ملتا

تیرا روٹھنا بجا ہے لیکن
میری ہچکیوں پہ غور کر

خاموشیاں ہی بہتر ہیں
لفظون سے لوگ اکثر روٹھ جاتے ہیں

مشہور بہت ہے میرے الفاظ کی تاثیر
مگر اک شخص مجھ سے منایا نہیں جاتا

روٹھنے سے کیا ہو گا
آؤ مل کر معذرت کر لیں

چاہو لیکن چاہنے کا یہ تقاضا رکھو کے
چاہت ٹوٹ بھی جائے مگر دل زخمی نا ہو

پھر کسی بات پہ ناراض نہ ہو جاؤ کہیں
تم سے تو بات بڑھاتے ہوئے ڈر لگتا ہے

وہ روٹھا رہے مجھے سے یہ منظور ہے لیکن
یاروں اسے سمجھو وہ میرا شہر نہ چھوڑے

میں اس شخص کو کیسے مناؤں گا محسن
جو مجھ سے روٹھا ہے میری محبت کے سبب

تیرے لہجے سے کیوں لگا مجھ کو
تو میرے روٹھنے پہ راضی ہے

زندگی کٹ گئی مناتے ہوئے
اب ارادہ ہے روٹھ جانے کا

تم جو بچھڑے ہو جلد بازی میں
تم تو اپنے تھے روٹھ بھی سکتے تھے

New sad 2 line shayari urdu hindi

https://shayari-urdu-hindi.com/biggest-brands-on-shopify/

کیا ضروری تھا یوں خفا ہونا
مجھ کو ویسے بھی چھوڑ سکتے تھے.

تم نے روٹھنے میں جلدی کی
بچھڑ تو ویسے بھی جانا تھا

خاموشی بہتر ہے صاحب
لفظوں سے لوگ روٹھ جاتے ہیں

تُو جو روٹھے تو رب روٹھے
رب روٹھےجو تُو روٹھے

بہت رویا وہ تیرے روٹھ جانے سے
تو بات تو کر کسی بہانے سے

‏میں چاہتا تو کب کا , اُسے منا لیتا
مگر وہ روٹھا نہیں تھا بدل گیا تھا

Shayari Nasir kazmi best evers ghazals urdu hindi

تیرے بالوں کی خوشبو سے
سارا آنگن مہک رہا تھا

ناصر کاظمی

تو جب میرے گھر آیا تھا
میں اک سپنا دیکھ رہا تھا

تیرے بالوں کی خوشبو سے
سارا آنگن مہک رہا تھا

چاند کی دھیمی دھیمی ضو میں
سانولا مکھڑا لو دیتا تھا

تیری نیند بھی اڑی اڑی تھی
میں بھی کچھ کچھ جاگ رہا تھا

میرے ہاتھ بھی سلگ رہے تھے
تیرا ماتھا بھی جلتا تھا

دو روحوں کا پیاسا بادل
گرج گرج کر برس رہا تھا

دو یادوں کا چڑھتا دریا
ایک ہی ساگر میں گرتا تھا

دل کی کہانی کہتے کہتے
رات کا آنچل بھیگ چلا تھا

رات گئے سویا تھا لیکن
تجھ سے پہلے جاگ اٹھا تھا

ناصر کاظمی

سورج سر پہ آ پہنچا
گرمی ہے یا روز جزا

ناصر کاظمی

Shayari Nasir kazmi best evers ghazals urdu hindi shayari

شہر کے خالی اسٹیشن پر
کوئی مسافر اترا ہوگا

ناصر کاظمی

او میرے مصروف خدا
اپنی دنیا دیکھ ذرا

اتنی خلقت کے ہوتے
شہروں میں ہے سناٹا

جھونپڑی والوں کی تقدیر
بجھا بجھا سا ایک دیا

خاک اڑاتے ہیں دن رات
میلوں پھیل گئے صحرا

زاغ و زغن کی چیخوں سے
سونا جنگل گونج اٹھا

سورج سر پہ آ پہنچا
گرمی ہے یا روز جزا

پیاسی دھرتی جلتی ہے
سوکھ گئے بہتے دریا

فصلیں جل کر راکھ ہوئیں
نگری نگری کال پڑا

ناصر کاظمی

دکھ کی لہر نے چھیڑا ہوگا
یاد نے کنکر پھینکا ہوگا

آج تو میرا دل کہتا ہے
تو اس وقت اکیلا ہوگا

میرے چومے ہوئے ہاتھوں سے
اوروں کو خط لکھتا ہوگا

بھیگ چلیں اب رات کی پلکیں
تو اب تھک کر سویا ہوگا

ریل کی گہری سیٹی سن کر
رات کا جنگل گونجا ہوگا

شہر کے خالی اسٹیشن پر
کوئی مسافر اترا ہوگا

آنگن میں پھر چڑیاں بولیں
تو اب سو کر اٹھا ہوگا

یادوں کی جلتی شبنم سے
پھول سا مکھڑا دھویا ہوگا

موتی جیسی شکل بنا کر
آئینے کو تکتا ہوگا

شام ہوئی اب تو بھی شاید
اپنے گھر کو لوٹا ہوگا

نیلی دھندھلی خاموشی میں
تاروں کی دھن سنتا ہوگا

میرا ساتھی شام کا تارا
تجھ سے آنکھ ملاتا ہوگا

شام کے چلتے ہاتھ نے تجھ کو
میرا سلام تو بھیجا ہوگا

پیاسی کرلاتی کونجوں نے
میرا دکھ تو سنایا ہوگا

میں تو آج بہت رویا ہوں
تو بھی شاید رویا ہوگا

ناصر تیرا میت پرانا
تجھ کو یاد تو آتا ہوگا

ناصر کاظمی

Shayari Nasir kazmi best evers ghazals urdu hindi shayari

तो जब वह मेरे घर आया
मैं एक सपना देख रहा था

तेरे बालों की महक
सारा आंगन महक रहा था

चाँद की मंद रोशनी में
सानोला चुम्बन देती थी

आपकी नींद भी खराब हुई
मैं भी थोड़ा जाग रहा था

मेरे हाथ भी जल रहे थे
तेरा माथा भी जल रहा था

दो आत्माओं के प्यासे बादल
गरज रही थी और बारिश हो रही थी

दो यादों की उठती नदी
उसी सागर में गिरे

दिल की कहानी बयां कर रहा है
रात भीगी भीग रही थी

मैं देर रात सोया लेकिन
आपके सामने जाग गया

नासिर काज़मी

کیا کہوں زندگی کے بارے میں
ایک تماشہ تھا عمر بھر دیکھا

زرا جو سمجھ آنے لگتی ہے کتاب حیات
زندگی اکثر نیا ورق پلٹ دیتی ہے

زندگی تو سستی ہے ،،صاحب
گزارنے کے طریقے مہنگے ہیں

مصروف زندگی میں تیری یاد کے سوا
آتا نہیں ہے کوئی میرا حال پوچھنے

میں تو اس زندگی سے روٹھا ہوں
آپ کیوں آ رہے ہیں سمجھانے

نہ جانے حشر میں کیا حشر ہو گا۔
چلے ہیں زندگی برباد کر کے۔

dard bhari ghazal

کیا ضروری تھا یوں خفا ہونا
مجھ کو ویسے بھی چھوڑ سکتے تھے.

تم نے روٹھنے میں جلدی کی
بچھڑ تو ویسے بھی جانا تھا

خاموشی بہتر ہے صاحب
لفظوں سے لوگ روٹھ جاتے ہیں

تُو جو روٹھے تو رب روٹھے
رب روٹھےجو تُو روٹھے

بہت رویا وہ تیرے روٹھ جانے سے
تو بات تو کر کسی بہانے سے

‏میں چاہتا تو کب کا , اُسے منا لیتا
مگر وہ روٹھا نہیں تھا بدل گیا تھا

کیا کہوں زندگی کے بارے میں
ایک تماشہ تھا عمر بھر دیکھا

زرا جو سمجھ آنے لگتی ہے کتاب حیات
زندگی اکثر نیا ورق پلٹ دیتی ہے

زندگی تو سستی ہے ،،صاحب
گزارنے کے طریقے مہنگے ہیں

مصروف زندگی میں تیری یاد کے سوا
آتا نہیں ہے کوئی میرا حال پوچھنے

میں تو اس زندگی سے روٹھا ہوں
آپ کیوں آ رہے ہیں سمجھانے

نہ جانے حشر میں کیا حشر ہو گا۔
چلے ہیں زندگی برباد کر کے۔

बर्बाद कर दिया दोनों की लड़ाई ने मुझे ना इश्क हार मानता है ना दिल शिकस्त का आदी है।

برباد کر دیا دونوں کی لڑائی نے مجھے نہ عشق ہار مانتا ہے نہ دل شکست کا عادی ہے

dard bhari ghazal

جو زندگی بچی ہے اسے مت گنوائیے
بہتر یہی ہے آپ مجھے بھول جائیے

dard bhari ghazal

کیسے ہوتے ہیں بچھڑنے والے
ہم یہ سوچیں بھی تو ڈر جاتے ہیں

dard bhari ghazal


تیری تمنا ، تیرا انتظار اور تنہا سا میں
تھک کر مسکرا دیا جب رو نہیں پایا

dard bhari ghazal


درد اٹهتا ہے تو تصور میں آجاتے ہیں وہ
خدا میرے درد کی عمر دراز کرے

dard bhari ghazal

دل تڑپ تڑپ کر تمہیں یاد کرتا ہے
محسوس کرتا ہے درد مگر بول نہیں سکتا

dard bhari ghazal


‏مصروف زندگی میں تیری یاد کے سوا
آتا نہیں ہے کوئی میرا درد بانٹنے

urdu shayari hindi 2 line poetry

زندگی تیرے تسلسل میں ہم نے
وہ لوگ بھی کھوئے جو سانس کی مانند تھے
ﻣﯿﺮﯼ ﺯﻧﺪﮔﯽ ﺑﮭﯽ ﺍﺱ ﻗﺒﺮﺳﺘﺎﻥ ﮐﯽ ﻃﺮﺡ ﮨﮯ
ﺟﮩﺎﮞ ﻟﻮﮒ ﺗﻮ ﺑﮩﺖ ﮨﯿﮟ ﻣﮕﺮ ﺍﭘﻨﺎ ﮐﻮﺋﯽ ﻧﮩﯿﮟ
زندگی بہت خو بصورت ہے اگر
ساتھ چلنے والے منافق نہ ہوں
زندگی تیرے بھی شکوے تو بجا ہیں لیکن
کیسے جھک جائیں کہ ہم لوگ انا والے ہیں
اے زندگی رُک مجھے سانس تو لینے دے
میں بتا تا ہوں تجھے کہ ماجرہ کیا تھا
بہت تنگ ہو تیری نوکری سے
اے زندگی میرا حساب کر دے

तेरी हसरत मेरे दिल में यूं बस गई है। जैसे एक अंधे को हसरत आंखों की।

تیری حسرت میرے دل میں یوں بس گئی ہے جیسے اندھے کو حسرت آنکھوں کی

Your longing has settled in my heart like longing for the blind

dard bhari ghazal

قبول جرم کرتے ہیں صاحب تیرے قدموں میں گر کر
سزاۓ موت ہے منظور پر صاحب تیری جداٸی نہیں

माना के पर फरेब है वादा तेरा मगर करते हैं इंतजार बड़े एतबार से।

مانا کے پرفریب ھے وعدہ تیرا مگر کرتے ہیں انتظار بڑے اعتبار سے

dard bhari ghazal

صرف تصویر ………… رہ گئی باقی
جس میں ہم ساتھ ساتھ بیٹھے تھے

सुख से हरा हो या दुःख से भरा हो,
परेशानियों की धूप हो या सुकून की छाँव हो
मंजर कैसा भी हो बदल ही जायेगा
ये वक़्त है साहब वक़्त का क्या कहना…
गुजरता आया है गुजर ही जाएगा..
समुंदर का किनारा हो और पानी भी खारा हो
सब्र भी गवारा हो तब भी ये एहसास हमारा हो
वक़्त का तकाजा है पल में संवर भी जायेगा.
ये वक़्त है साहब वक़्त का क्या कहना…
गुजरता आया है गुजर ही जायेगा..
बस रह जायेगी याद इन लम्हों की,
कुछ थमेगा तो कुछ निखरता चला जायेगा.
ये वक़्त है साहब वक़्त का क्या कहना,
गुजरता आया है, गुजर ही जायेगा..
कुछ लोग बंध जायेंगे- अटूट बंधन में.
कुछ का साथ हमेशा .के लिए छूट जायेगा.
कुछ .रिश्ते दिल की गहराइयों में जायेंगे
कुछ से रिश्ता दरकता. चला जाएगा..
ये वक़्त है साहब वक़्त का क्या कहना..
गुजरता आया है, गुजरता चला जायेगा.

dard bhari ghazal

چھوڑنے میں نہیں جاتا اسے دروازے تک
لوٹ آتا ہوں کہ اب کون اسے جاتا دیکھے

अपनों की चाहतों ने दिए इस कदर फरेब हम लिपट लिपट कर रोते रहे हर अजनबी के साथ।

اپنوں کی چاہتوں نے دیے اس قدر فریب ہم لپٹ لپٹ کر روتے رہے ہر اجنبی کے ساتھ

अजब चराग़ हूँ दिन रात जलता रहता हूँ
मैं थक गया हूँ हवा से कहो बुझाए मुझे

میں عجیب چراغ ہوں جو دن رات جلتا ہے۔
میں تھک گیا ہوں ہوا سے کہو مجھے بجھائے

ajab charaag hoon din raat jalata rahata hoon main thak gaya hoon hava se kaho bujhae mujhe

dard bhari ghazal


نیند آتی نہ تھی جس کو میری صورت دیکھے بغیر
آج وہ لوگوں سے کہتا ہے یہ شخص دیکھا سا لگتا ہے

dard bhari ghazal

best 2 line poetry in urdu hindi images status Love photo

یقین تھا کہ کوئی سانحہ گزرنا ہے
گمان نہ تھا کہ تیرا ساتھ چھوٹ جائے گا

dard bhari ghazal

وہ ہے جان اب ہر ایک محفل کی
ہم بھی اب گھر سے کم نکلتے ہیں

ghazal photo

ghazal images

بدل دینگے اپنی زندگی اس طرح
دیدار تو دور لوگ بات کرنے کو بھی ترسیں گے
زندگی میں ایسے بھی مقام ائے
نا دیا ساتھ اپنوں نے نا غیر کام آئے
زندگی بے سبب اداس نہیں
روخ میں شاید کوی غم ھے پوشیدہ
ایک ایسا بھی سفر کروایا زندگی نے
جس میں پاوں نہیں دل تھک گیا میرا
چھوٹی سی زندگی نے بڑا سبق دیا
رشتے سب سے رکھو امید کسی سے نہیں
آو ملتے ہیں اب تسلی سے
زندگی درمیاں تھی پہلے

dard bhari ghazal


کون خریدے گا ہیروں کے دام تیرے آنسو
وہ جو درد کا تاجر تھا شہر چھوڑ گیا

https://shayari-urdu-hindi.com/shayari-level-shayari-urdu-hindi-english-aansu-shayari/

dard bhari ghazal


یوں وفاؤ ں کے سلسلے مسلسل نہ رکھ کسی سے
لوگ اک خطا کے بدلے ساری وفائیں بھول جاتے ہیں

Paaon Ke LadKhadane Pe To Sabki Hai Najar,
Sar Pe Kitna Bojh Hai Koi Dekhta Nahin.


पांवों के लड़खड़ाने पे तो सबकी है नज़र,
सर पे कितना बोझ है कोई देखता नहीं

Do Shabd Tasalli Ke Nahi Milte Iss Shahar Mein,
Log Dil Mein Dimaag Liye Firte Hain.


दो शब्द तसल्ली के नहीं मिलते इस शहर में,
लोग दिल में भी दिमाग लिए फिरते हैं।

Aap Ki Khatir Agar Hum Loot Bhi Lein Aasmaan,
Kya Milega Chand Chamkeele Se Sheeshe Tod Ke.


आप की खा़तिर अगर हम लूट भी लें आसमाँ,
क्या मिलेगा चंद चमकीले से शीशे तोड़ के।

Milne Ko Toh Har Shakhs Ehtraam Se Mila,
Par Jo Mila Kisi Na Kisi Kaam Se Mila.


मिलने को तो हर शख्स एहतराम से मिला,
पर जो मिला किसी न किसी काम से मिला।

Dil Se Dil Mile Ya Na Mile Haath Milaao,
Humko Ye Saleeka Bhi Badi Der Se Aaya.


दिल से दिल मिले या न मिले हाथ मिलाओ,
हमको ये सलीका भी बड़ी देर से आया।

Agar Bikne Pe Aa Jao Toh Ghat Jate Hain Daam Aksar,
Na Bikne Ka Iraada Ho Toh Keemat Aur Barhti Hai.

dard bhari ghazal


अगर बिकने पे आ जाओ तो घट जाते हैं दाम अक्सर,
न बिकने का इरादा हो तो क़ीमत और बढ़ती है।

Hua Savera Toh Hum Unke Naam Tak Bhool Gaye,
Jo Bujh Gaye Raat Mein Charagon Ki Lau Barhate Huye.


हुआ सवेरा तो हम उनके नाम तक भूल गए
जो बुझ गए रात में चरागों की लौ बढ़ाते हुए।

Duniya Fareb Karke HunarMand Ho Gayi,
Hum Aitbaar Karke Gunaahgar Ho Gaye.


दुनिया फ़रेब करके हुनरमंद हो गई,
हम ऐतबार करके गुनाहगार हो गए।

Girna Tha Jo Aapko Toh Sau Maqaam The,
Ye Kya Kiya Ke Nigaahon Se Gir Gaye.

dard bhari ghazal
dard bhari ghazal

بد گمانی بڑھا کر تم نے یہ کیا کر دیا
خود بھی تنہا ہو گئے مجھ کو بھی تنہا کر دیا

dard bhari ghazal

dard bhari ghazal

dard bhari ghazal


गिरना था जो आपको तो सौ मक़ाम थे,
ये क्या किया कि निगाहों से गिर गए

Roz Roz Gir Kar Bhi Mukammal Khada Hoon,
Ai Mushkilon Dekho Main Tumse Kitna Bada Hoon.

रोज़ रोज़ गिर कर भी मुकम्मल खड़ा हूँ,
ऐ मुश्किलों देखो मैं तुमसे कितना बड़ा हूँ।

Bigaad Ke Rakh Deti Hai Zindagi Ka Chehara,
Ai-Mohabbat… Tu Badi Tejaabi Cheez Hai.

बिगाड़ के रख देती है ज़िन्दगी का चेहरा,
ए-मोहब्बत… तू बड़ी तेजाबी चीज़ है।

dard bhari ghazal

dard bhari ghazal

Mil kar kho jana bhi mera Naseeb tha,
Waah ye dard bhi kitna Ajeeb tha.

Chalte chalte bas yahi sochte Hai mere qadam,
Ki kis taraf mud jau to Mujhe tu mil jaye..

Har Kisike Liye Waqt Hai Uske Paas Bas
Ek Mere Liye Hi Nahi Hai..!

Judaa to ek din saansein Bhi ho jati hai,
Lekin shikayat sirf mohabbat se hi kyu.

Fursat Me jab kisi ki yaad aati hai
kasam se bahut rulati hai..

Rone se koi wapis nhi aata
Bas dil halka ho jaata hai..

dard bhari ghazal
dard bhari ghazal

میری تصویر کو تم پیار تو کر سکتی ہو
میری تصویر تمھیں پیار نہیں کر سکتی
فرط جذبات سے تم چوم تو سکتی ہو اسے
یہ مگر پیار کا اظہار نہیں کر سکتی
ثنا گورکھپوری

dard bhari ghazal Best evers sad ghazals

dard bhari ghazal

مسکراہٹ کی بات کرتے ہو
جی رہا ہوں یہی غنیمت ہے

Sad ghazals best evers ghazal urdu hindi ghazals

دل ہجر کے درد سے بوجھل ہے اب آن ملو تو بہتر ہو
اس بات سے ہم کو کیا مطلب یہ کیسے ہو یہ کیوں کر ہو

اک بھیک کے دونوں کاسے ہیں اک پیاس کے دونو پیاسے ہیں
ہم کھیتی ہیں تم بادل ہو ہم ندیاں ہیں تم ساگر ہو

یہ دل ہے کہ جلتے سینے میں اک درد کا پھوڑا الہڑ سا
نا گپت رہے نا پھوٹ بہے کوئی مرہم ہو کوئی نشتر ہو

ہم سانجھ سمے کی چھایا ہیں تم چڑھتی رات کے چندرماں
ہم جاتے ہیں تم آتے ہو پھر میل کی صورت کیوں کر ہو

اب حسن کا رتبہ عالی ہے اب حسن سے صحرا خالی ہے
چل بستی میں بنجارہ بن چل نگری میں سوداگر ہو

جس چیز سے تجھ کو نسبت ہے جس چیز کی تجھ کو چاہت ہے
وہ سونا ہے وہ ہیرا ہے وہ ماٹی ہو یا کنکر ہو

اب انشاؔ جی کو بلانا کیا اب پیار کے دیپ جلانا کیا
جب دھوپ اور چھایا ایک سے ہوں جب دن اور رات برابر ہو

وہ راتیں چاند کے ساتھ گئیں وہ باتیں چاند کے ساتھ گئیں
اب سکھ کے سپنے کیا دیکھیں جب دکھ کا سورج سر پر ہو

दिल भारी है हज के दर्द से
हमारे लिए इसका क्या मतलब है?

दोनों एक भिखारी के प्यासे हैं। दोनों एक प्यासे के प्यासे हैं
हम खेत हैं, तुम बादल हो, हम नदियाँ हैं, तुम महासागर हो

यह दिल है कि सीने में जलन दर्द के साथ जलता है
कोई मरहम नहीं है, कोई सुई नहीं है, कोई सुई नहीं है

हम शाम के सूरज की छाया हैं, तुम रात का चाँद उग रहे हो
हम जाते हैं, आप आते हैं, फिर आप मेल के रूप में क्यों हैं?

अब सुंदरता की स्थिति अधिक है। अब रेगिस्तान सुंदरता से खाली है
चल बस्ती में बंजारा बिन चल नगरी में व्यापारी हो

आप जो चाहते हैं वही चाहते हैं
यह सोना है, यह हीरा है, यह मिट्टी या कंकड़ है

अब इंशा-जी को क्या कहें, अब प्यार का दीप जलाएं क्या
जब सूर्य और छाया एक होते हैं, जब दिन और रात समान होते हैं

वो रातें चांद के साथ गईं, वो चीजें चांद के साथ गईं
जब दुःख का सूरज सिर पर है तो खुशी का क्या सपना देखना

The heart is heavy with the pain of Hajj
What does this mean for us?

Both are thirsty for a beggar. Both are thirsty for a thirst
We are the fields, you are the clouds, we are the rivers, you are the ocean

It is the heart that burns with a burning pain in the chest
There is no ointment, there is no needle, there is no needle

We are the shadow of the evening sun, you rising moon of the night
We go, you come, then why are you in the form of mail?

Now the status of beauty is high. Now the desert is empty of beauty
Be a trader in Banjara Bin Chal Nagri in Chal Basti

What you want is what you want
It is gold, it is diamond, it is clay or pebble

Now what to call Insha-ji, now what to light the lamp of love
When the sun and the shadow are one, when day and night are equal

Those nights went with the moon, those things went with the moon
Now what to dream of happiness when the sun of sorrow is on the head

purani ghazal
/ghazal gana\
-ghazal video mein-
[ghazal video]
गझल
gam bhari gazalen
gajal
गजल गजल
gam bhari ghazal
dard bhari ghazal
gazal
गजल

dard bhari ghazal

best 2 line poetry images status Love photo
میں سن کے اس کی سب باتیں فقط اتنا ہی کہتا ہوں.
کہاں آپ؟ کہاں وفا،،،بس کیجئے … رہنے دیجئے

dard bhari ghazal


: جسم چھونے سے محبت نهیں هوتى،
عشق وه جذبه هے جسے ایمان کهتے هیں،

dard bhari ghazal
dard bhari ghazal


اکیلے رات بھر تڑپتا رہا مریض شام غم غالب
نہ تم آئے ، نہ نیند آئی، نہ چین آیا ، نہ موت آئی

dard bhari ghazal
dard bhari ghazal


اس نے توڑا میرا دل اس سے کوئی شکائیت نہیں
یہ اس کی امانت تھی ، اسے اچھا لگا سو توڑ دیا

dard bhari ghazal

dard bhari ghazal

Compilation of best 2 lines Shayari here. It includes 2 line shayari in hindi for whatsapp status and facebook, 2 Line Shayari in Hindi, 2 Line Sad Hindi Quotes,  2 Line Romantic Shayari, two line shayrai collections hindi, awesome two line shayari in hindi, two line love shayari in hindi, two line quotes in hindi, two line

shayari in hindi on life two line love shayari, awesome two line shayari in hindi, two line love shayari in hindi, two line shsyari collections hindi, two line status in hindi, two line love status, two line shayari on zindagi, two line romantic shayari, two line quotes in hidni, two line sad status, two line status in hindi on life, two

line heart touching shayari, very sad shayari, heart touching two line shayari, latest images for bharosa shayari, shayari in english, sad shayari for Girlfriend for whatsapp status, shayari attitude, cute shayari for Facebook and Whatsapp, miss you shayari for love, two line thought in hindi, shayari in hindi font on life, best

two line shayari ever, two line attitude shayari in hindi, two line shayari in hindi on life, Two line Shayari in hindi, two lines love hindi shayari, best & cute love related shayari for express your feelings, two line hindi shayari, two line shayari for chahat, best two line hindi status, romantic shaiyaries, love lines for fb status,

dil ko chune wala status, latest whatsapp status for lovers images, romantic lines in hindi, romantic husband wife wallpaper for love couples, love lines for fb status.

Leave a Reply

Your email address will not be published.